मधुमेह रोग दो प्रकार की होती है टाइप -1 डायबिटीज और टाइप- 2 डायबिटीज दोनों प्रकार के मधुमेह का कारण पैंक्रियास, अग्न्याशय की बीटा सेल्स होती हैं। टाइप -2 डायबिटीज में पैंक्रियास की बीटा सेल्स इन्सुलिन हार्मोन का अधिक उत्पादन करने लगती है। जिसके कारण रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है। इस प्रकार के मधुमेह रोग में मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना होता है। इस टाइप के मधुमेह रोग में दवा की जरुरत नहीं होती है।
टाइप -1 डायबिटीज में पैंक्रियास की बीटा सेल्स इन्सुलिन हरमोन का उत्पादन बंद कर देती हैं। जिसके कारण रक्त में ग्लूकोस की मात्रा पर नियंत्रण नहीं हो पाता है। जिसके कारण रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। इस प्रकार के मधुमेह में आहार पर नियंत्रण के साथ हीं दवा के सेवन की भी आवश्यक होती है। आइये जाने मधुमेह रोग में किस प्रकार डाइट को प्लान करना चाहिए?
डायबिटीज के लिए डाइट
मधुमेह रोग में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है। इसके अतिरिक्त शक्कर, रसीले फल एवं लाल मीट, जमने वाले खाद्य पदार्थ जैसे -दही, दूध की मलाई, लस्सी, मक्खन, घी में तला हुआ भोजन के सेवन से बचना चाहिए।
मधुमेह रोगी के लिए उपयुक्त फल
फलों में गाजर, खरबूजा – एक बड़ा टुकड़ा , पपीता, सेब, चेरी, खजूर, अंजीर, अमरुद, जामुन, खीरा, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, अनानास, तरबूज, अनार आदि। इनमें से बड़े आकार के फलों के एक या दो टुकड़े, माध्यम आकार के एक फल पूरा सेवन कर सकते हैं और छोटे आकार के फलों के 4 या 5 संख्या का सेवन कर सकते हैं। फलों का सेवन दिन भर में एक बार हीं करना है।
मधुमेह रोगी के लिए उपयुक्त सब्जियां
सब्जियों में आलू, अरवी, शक्करकंद आदि ज्यदा स्टार्च युक्त सब्जियों के सेवन से परहेज करना चाहिए।
मधुमेह रोगी के लिए उपयुक्त डेरी प्रोडक्ट
डेरी प्रोडक्ट्स में कम वसा युक्त दूध, दही के स्थान पर छाछ,सोयामिल्क, अंडे का सफेद भाग का सेवन करना चाहिए।
फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ
इसके अतिरिक्त फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – अंकुरित अनाज, गाजर, मूली, खीरा, प्याज, गोभी, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, फ्रेंच बीन्स का सेवन ज्यादा यानि नियमित रूप से आहार में डाइट प्लान के हिसाब से अवश्य शामिल करना चाहिए।
मधुमेह रोगी के लिए डाइट प्लान
सुबह नाश्ते से पहले, 5 बादाम और एक अखरोट खाना चाहिए बादाम और खरोट का सेवन खाली पेट करना है। बादाम रात भर पानी में भिगाने के बाद छिल कर खाने के लिए प्रयोग करना चाहिए।
सुबह नाश्ते में
एक कटोरी ओअट्स फलैक्स कम वसा वाले दूध में पका कर ध् सब्जियों के साथ पका हुआ दलिया, अंडे का सफेद भाग और ब्राउन ब्रेड, दूध के साथ कॉर्न फलैक्स, अंकुरित अनाज ले सकते हैं।
नाश्ते के दो घंटे बाद, कोई एक फल ऊपर बताये गए मात्रा के अनुसार सेवन करना चाहिए।
दोपहर के भोजन में , एक कटोरी दाल, दो रोटी की फुलकियाँ, एक छोटी कटोरी चावल, सलाद और सब्जी का सेवन करना चाहिए।
शाम के नाश्ते में रू भुनी हुई मूंगफली, भुना चना, दो इडली, दो ढोकला, अंकुरित अनाज आदि लिया जा सकता है।
रात के भोजन से एक घंटे पहले, एक प्लेट सलाद ध्सब्जियों का सूप लेना चाहिए।
रात के डिनर, भोजन में रू दो रोटी के फुल्के, एक कटोरी दाल या रोस्टेड चिकन, सब्जी शामिल करना चाहिए।
मधुमेह रोग में भोजन को एक साथ भर पेट न खाकर कई हिस्से में विभाजित करके दो या तीन घंटे के अंतराल में खाना चाहिए। इससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित रहता है।
Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
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