हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के तहत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर पर होने वाले प्रसव (होम डिलीवरी) के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जनपद हरिद्वार में अधिकारियों ने कार्रवाई तेज कर दी है।
बहादराबाद क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आज औचक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर द्वारा किया गया।
449 घर प्रसव का मामला सामने आया
निरीक्षण के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में दर्ज कुल 449 घर प्रसवों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कई मामलों में शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ क्षेत्रीय दाइयों द्वारा घर पर प्रसव कराए जा रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।
18 दाइयों को किया गया चिन्हित
जांच के दौरान उन 18 दाइयों को चिन्हित किया गया, जिनके क्षेत्रों में सबसे अधिक होम डिलीवरी दर्ज हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सख्त नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि पहले भी घर पर प्रसव रोकने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
कोतवाली में दी गई सख्त चेतावनी
चिन्हित दाइयों को बाद में बहादराबाद कोतवाली में बुलाया गया, जहां उन्हें भविष्य में घर प्रसव न कराने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहा तो उनके खिलाफ दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का सख्त रुख
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब पूरे जिले में संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को लगातार जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


