हरिद्वार। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम प्रशासन ने कार्य में सहयोग न करने वाले कुल 15 कर्मियों को नोटिस जारी करते हुए उनके विरुद्ध तहरीर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित कर्मियों को जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के अंतर्गत निर्देशित किया गया है कि वे नोटिस प्राप्त होते ही तत्काल जनगणना कार्य का दायित्व ग्रहण करें। आदेशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 187 के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह धारा लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा से संबंधित है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
जारी नोटिस के अनुसार, नोटिस प्राप्त करने वालों में मध्य गंगा नहर गुण नियंत्रण खंड-2 के 8 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि शेष कर्मचारी शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक एवं अन्य स्टाफ हैं। प्रशासन का कहना है कि बार-बार निर्देशों के बावजूद इन कर्मियों द्वारा जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया जा रहा था।
नगर निगम ने साफ शब्दों में कहा है कि जनगणना कार्य राष्ट्रीय महत्व का दायित्व है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित कर्मियों से तत्काल कार्यभार ग्रहण करने और पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा की गई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संबंधित कर्मी निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।


