बारिश के बीच हजारों लोग सड़क पर उतरे, UGC एक्ट और SC-ST कानून में बदलाव समेत तीन मांगों को लेकर प्रदर्शन
हरिद्वार। आरक्षण विरोधी आंदोलन ने रविवार को हरिद्वार में जोर पकड़ लिया। बहादराबाद टोल प्लाजा पर हजारों की संख्या में पहुंचे आंदोलनकारियों ने करीब छह घंटे तक प्रदर्शन करते हुए टोल प्लाजा को जाम रखा। सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इनमें UGC एक्ट वापस लेने, SC-ST कानून को वापस लेने तथा आरक्षण व्यवस्था में सुधार एवं संशोधन की मांग शामिल रही। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम ने आंदोलनकारियों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
‘मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि जब तक UGC एक्ट वापस नहीं होता, SC-ST कानून में बदलाव तथा आरक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को समर्थन नहीं देने तथा लोगों के हित में सामने आने वाले तीसरे विकल्प पर विचार करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था को लेकर लोगों में लंबे समय से असंतोष है और अब इसे लेकर देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर विभिन्न मुद्दों के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कोई संन्यासी जनता की मांगों को लेकर सड़क पर उतरता है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन सड़क से लेकर संसद तक जारी रखने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान भूपेश जोशी, सतीश शर्मा, विशाल शर्मा, निशिकांत शुक्ला, मनोज शुक्ला, के. कौशिक, संजय शर्मा, विमलेश मिश्रा, शिव शंकर पांडेय, ऋषि शर्मा समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
बहादराबाद टोल प्लाजा पर लंबे समय तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित रहा और यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए।


