हरिद्वार। श्रावण मास में निरंजन पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरि द्वारा की गई शिव आराधना को लेकर दुर्गा आचार्य साध्वी कंचन भवानी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस पूजा-पद्धति को ‘ढोंग’ करार देते हुए शिवलिंग पर छोड़े गए सपोलों को केंचुआ बताया और इसे देवाधिदेव महादेव का घोर अपमान बताया।
साध्वी कंचन भवानी ने कहा कि धार्मिक आस्था और शिव आराधना के नाम पर ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, जिनसे भगवान शिव का अपमान माना जाए। उन्होंने कथित पूजा के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों का परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि महादेव के अपमान की सजा निश्चित रूप से मिलेगी। उनके बयान के बाद संत समाज और धार्मिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
देखिए वीडियो में दुर्गा आचार्य साध्वी कंचन भवानी ने कैलाश आनंद गिरि की शिव आराधना को लेकर क्या-क्या सवाल उठाए।


