हरिद्वार। स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती ने ज्योतिषपीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और श्री रामलला के लिए स्वर्ण मंडप के नाम पर करोड़ों रुपये, सोना और चांदी एकत्र किए गए तथा इस पूरे मामले की SIT या CBI से जांच कराई जानी चाहिए।
स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती का कहना है कि 5 फरवरी 2020 को संबंधित ट्रस्ट के गठन के बाद भी चंदा संग्रह जारी रखा गया, जो उनके अनुसार नियमों के विरुद्ध था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने स्वयं विश्वास के आधार पर ₹5 लाख का दान दिया था, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि उनके साथ धोखा हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह धन गुरु की अनुमति के बिना एकत्र किया गया और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, मामले में करोड़ों रुपये और बहुमूल्य धातुओं के संग्रह की जांच आवश्यक है। स्वामी गोविंदानंद सरस्वती द्वारा पहले लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए प्रज्ञानंद सरस्वती ने जांच की मांग दोहराई है।


