हरिद्वार। कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 12 अगस्त से विशेष सफाई अभियान शुरू किया जा रहा है। संत समाज ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए आम नागरिकों, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और युवाओं से भी सहयोग का आह्वान किया है।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज ने साधु समाज और प्रबुद्ध नागरिकों से सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां स्वच्छता होती है, वहां सकारात्मकता और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कांवड़ यात्रियों द्वारा छोड़ी गई प्लास्टिक की पन्नियां और अन्य कचरा एकत्र कर नगर निगम के सफाई अभियान में सहयोग करें।
उन्होंने विशेष रूप से गंगा घाटों पर पड़े कचरे को गंगा में न डालने और उसे डस्टबिन में डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि मां गंगा की निर्मलता बनाए रखना सभी का दायित्व है। साधु समाज हर वर्ष स्वच्छता अभियानों में भाग लेता रहा है और इस बार भी संपूर्ण संत समाज प्रशासन के अभियान में पूरा सहयोग करेगा।
महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि हरिद्वार भगवान शिव, मां गंगा और भगवान विष्णु की पावन नगरी है। आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार स्वच्छ, सुंदर और निर्मल नजर आए, इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर प्रयास करना होगा।
संत समाज का संदेश स्पष्ट है—स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर हरिद्वारवासी का पावन कर्तव्य है।
स्वच्छ हरिद्वार, सुंदर हरिद्वार—मां गंगा की निर्मलता के लिए सभी आगे आएं।
अध्यक्ष मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट महंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार हम सभी का साझा घर है और इस पावन नगरी की पवित्रता, सुंदरता एवं स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कांवड़ मेले के विशाल स्वरूप के कारण गंगा तटों, घाटों, प्रमुख मार्गों और बस्तियों के आसपास बड़ी मात्रा में कचरा जमा हुआ है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन सफाई अभियान में जुटे हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर सफाई का कार्य केवल सरकारी तंत्र के भरोसे पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने सभी अखाड़ों, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों एवं सेवकों, एसएमजेएन पीजी कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के साथ सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, व्यापारिक मंडलों तथा हरिद्वार के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक से अभियान में भाग लेने की अपील की।
महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सभी मिलकर मां गंगा के पवित्र तटों और शहर को फिर से स्वच्छ, सुंदर और निर्मल बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस जिम्मेदारी में हाथ बंटाएगा, तभी तीर्थनगरी हरिद्वार का वास्तविक स्वरूप और अधिक निखरेगा।


