शिवशक्ति धाम डासना, गाजियाबाद में रविवार को महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के आह्वान पर हिन्दू पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में विभिन्न राज्यों से आए संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य देश में हिन्दुओं की सुरक्षा, सामाजिक चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करना था।
पंचायत के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और सर्वसम्मति से नौ प्रस्ताव पारित किए। आयोजकों का कहना था कि इन प्रस्तावों को सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया के हिन्दुओं तक पहुंचाया जाएगा तथा प्रमुख हिन्दू धर्मगुरुओं को भी भेजा जाएगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश में बढ़ती सामाजिक और धार्मिक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए हिन्दू समाज को संगठित होने का आह्वान किया। पंचायत में उपस्थित लोगों ने हिन्दू एकता, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर बल दिया।
बैठक के दौरान पारित प्रस्तावों में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कई विवादास्पद विषय शामिल रहे। प्रस्तावों में इस्लाम और उससे जुड़े धार्मिक प्रतीकों के प्रति कड़ा विरोध व्यक्त किया गया। इसके अलावा मुसलमानों के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार, हिन्दू एवं मुस्लिम समुदायों की अलग-अलग बस्तियां बसाने, देश के पुनर्विभाजन की मांग तथा तथाकथित ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कठोर कदम उठाने जैसे विषयों पर भी प्रस्ताव पारित किए गए।
पंचायत में कुछ वक्ताओं ने हिन्दू समाज से उन परिवारों का समर्थन करने की अपील की जो अपने परिजनों की हत्या अथवा अन्य घटनाओं में न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ प्रस्तावों में हिन्दुओं से केवल उन संगठनों का समर्थन करने का आह्वान किया गया जो उनके हितों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का दावा करते हैं।
आयोजकों ने कहा कि हिन्दू समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, पंचायत में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बात का संकेत है कि समाज के विभिन्न वर्ग इन विषयों को लेकर गंभीर हैं।
कार्यक्रम के अंत में संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और हिन्दू समाज की एकता एवं संगठन को समय की आवश्यकता बताया। आयोजकों ने घोषणा की कि पंचायत में पारित प्रस्तावों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।


