बोर्ड बैठक में महापौर व अधिकारियों पर हमलावर दिखे पार्षद

हरिद्वार। नगर निगम रूड़की के सभागार में मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में हर बार की तरह पार्षदों का गुट इस बार भी महापौर और नगर निगम अधिकारियों पर बरसता नजर आया। जहां पार्षदों का गुस्सा निगम अधिकारियों व महापौर द्वारा उनकी अनदेखी को रहा, तो वहीं नाराजगी भी यह रही की नगर निगम के अधिकारी और महापौर पार्षद को सिर्फ एक प्रस्तावक के तौर पर ही जांचते हैं, उन्हें न तो वार्ड में उनके अनुसार काम करने दिया जाता है और न ही उनके द्वारा उठाई गई जन समस्याओं पर अमल किया जाता है। आज करीब-करीब हर एक पार्षद ने वह चाहे विपक्ष का हो या पक्ष का, उसने महापौर और निगम अधिकारियों से एक ही प्रश्न किया कि आखिर उनके वार्ड के विकास कार्यों को लेकर इतनी शिथिलता क्यों बरती जा रही है।


बैठक के दौरान पार्षद रविंद्र खन्ना ने नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें कमिशन खोर भी बताया, जिस पर नगर आयुक्त ने भी अपना पक्ष रखा। बैठक के दौरान पार्षदों के गुट भी आपस में लड़ते नजर आए। पार्षद बेबी खन्ना ने कहा कि उन्हें अपने वार्ड के विकास कार्यों के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आखिर जनहित के कार्यों को लेकर नगर निगम के अधिकारी अपनी गंभीरता कब समझेंगे? इस सवाल का सदन में पार्षद ने जवाब मांगा। साथ ही आरोप लगाया कि बार-बार कहने के बावजूद भी पार्षदों के कार्यों को अमलीजामा नहीं पहनाया जाता। पार्षद खन्ना ने नगर आयुक्त पर कमीशन खोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जो हाईमास्क की लाइट वह 1100 की दे सकते हैं, उसे 3700 रुपये दिखाया गया, तो पार्षद राकेश गर्ग ने उसकी कीमत 845 भी बताई। निगम जो 12 लाख रुपए में हाईमास्क लाइट लगा रहा है, उसमें निगम अधिकारियों ने 4 लाख कमीशन लिया। साथ ही बताया कि नगर निगम के अधिकारी और महापौर कमीशन खोरी के चक्कर में नगर निगम क्षेत्र के विकास में जानबूझकर रोडा अटका रहे हैं।


पार्षद खन्ना ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने 37 कूड़ा वाहनों से कूड़ा उठाने के लिए कबाड़ बीनने वाले बच्चे रखे हुई हैं, जिनसे 300 रुपये प्रतिदिन कमीशन लिया जा रहा है। खन्ना ने कहा कि जब एक अधिकारी को काम करने के लिए कहते हैं, तो वह कहते हैं कि उनका ट्रांसफर करा दो, लेकिन काम के लिए मत बोलो। नगर आयुक्त ने कहा कि यदि ऐसा किसी अधिकारी ने कहा है तो वह उसकी ओर से माफी मांगते हैं। वहीं पार्षद शक्ति राणा ने कहा कि उनके वार्ड में अभी तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया, वह अधिकारियों को कई बार कह चुके हैं, लेकिन उन्हें मिलता है तो सिर्फ आश्वासन। पार्षद बाटा और विवेक चौधरी के बीच में कई बार तीखी नोकझोंक हुई और पार्षद नितिन त्यागी ने भी कई मुद्दों पर पार्षद विवेक का खुलकर विरोध किया।


नगर आयुक्त ने कहा कि सभी पार्षद एजेंडे पर वार्ता करें, तो पार्षद बोले कि उन्हें उनके सवालों का जवाब दिया जाए, तो नगर आयुक्त ने एक दोहे के सहारे पार्षदों के सवालों का जवाब दिया। जिस पर पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त द्वारा उन्हें चोर कहा गया है। इस बात पर नगर आयुक्त और विवेक चौधरी के बीच बहस भी हुई। वहीं सामान खरीद आदि के टेंडरों के बिल पास होने, कर्मचारियों का पीएफ आदि न देने पर पार्षद विवेक चौधरी और नितिन त्यागी ने कोषागार अधिकारी को जमकर घेरा, तो वहंी यूजर चार्ज के मामले में पार्षद चारुचंद्र ने भी आवाज उठाई। अपनी नाराजगी को लेकर पार्षदों ने देर तक हंगामा काटा। कुल मिलाकर बैठक में पार्षद वार्ड की समस्याओं को लेकर जिस तरह से महापौर व नगर आयुक्त पर हमलावर रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *