हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनपद में मिल रही शिकायतों के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रुड़की के मतलबपुर स्थित “मां भगवती फूड्स” नामक सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बिना लेबल की 351 वेजिटेबल सॉस की बोतलें सीज की गईं, जबकि अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार किया गया लगभग 8 क्विंटल सॉस (अनुमानित मूल्य 32 हजार) मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि उपयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार की टीम ने यह कार्रवाई की। निरीक्षण में पाया गया कि सॉस की बोतलों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि, निर्माता का नाम-पता, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और सामग्री (इंग्रीडिएंट्स) जैसी अनिवार्य जानकारी अंकित नहीं थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सॉस का निर्माण अत्यंत गंदे और अस्वास्थ्यकर वातावरण में किया जा रहा था। निर्माण मशीनों, दीवारों और फर्श पर भारी गंदगी पाई गई। टीम ने मौके से वेजिटेबल सॉस के दो नमूने लेकर जांच के लिए रुद्रपुर प्रयोगशाला भेज दिए।
इसके अलावा इकाई संचालक पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र और पैकिंग में प्रयुक्त प्लास्टिक बोतलों के फूड ग्रेड प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने बिना लेबलिंग, अस्वच्छ परिस्थितियों और आवश्यक अभिलेखों के अभाव में तैयार एवं स्टॉक में रखे लगभग 8 क्विंटल सॉस को मौके पर नष्ट करा दिया। साथ ही सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, संग्रहण और विक्रय पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इस संबंध में नोटिस भी फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


