जमीन विवाद में भगवाधारी संत की पैरवी, अब जांच की आहट, चढ़ सकती है संत पर शनि की दशा

अधिकारी पर कथित दबाव बनाने और शिकायत की पैरवी का मामला चर्चा में
संत और उसके सहयोगी चंगू-मंगू की गतिविधियों पर जांच की प्रबल संभावना

हरिद्वार। एक भगवाधारी संत द्वारा जमीन पर कथित रूप से कब्जा करने के प्रयास में अधिकारी का सहयोग मांगने और अधिकारी द्वारा भगवाधारी की बात को अनसुना करने पर देहरादून दरबार में शिकायत लेकर पहुंचे संतों पर अब जांच रूपी शनि की दिशा बैठ गयी है। जिस कारण से संतों पर गंभीर संकट उत्पन्न होने की संभावना प्रबल हो गयी है।

उल्लेखनीय है कि एक भगवाधारी कथित बड़ा संत एक जमीन पर कब्जा करना चाह रहा था, जिसके लिए उसने एक अधिकारी से सहयोग करने की बात कही थी, किन्तु ईमानदार वरिष्ठ अधिकारी ने अपराधी किस्म के इस भगवाधारी की बात को अनसुना कर दिया। जिसके बाद संत आगबबूला हो गया और अधिकारी का हस्तांतरण करने की गुहार लगाने के लिए देहरादून एक वरिष्ठ मंत्री के दरबार में जा पहुंचा। सूत्र बताते हैं कि भगवाधारी अपने साथ चंगू-मंगू को भी लेकर पहुंचा था। किन्तु भगवाधारी को वहां से भी निराशा हाथ लगी।


मजेदार बात यह कि करीब 55 साल का यह भगवाधारी अपने गले में एक रूद्राक्ष की माला 100 साल से पहनने का दावा कर रहा है। इतना ही नहीं भगवान शिव इसे कई बार दर्शन भी दे चुके हैं। जब इसकी इच्छा होती है यह भगवान शिव से वार्ता भी कर लेता है। यह दावा कर भगवाधारी अब लोगों के उपहास का पात्र बन रहा है। लोग कह रहे हैं कि उम्र अधेड़ है और 100 साल से माला धारण करने का दावा कर लोगों को बेवकूफ बनाने का कार्य कर रहा है।


खैर मुद्दे की बात पर आते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस भगवाधारी संत और इसके साथी चंगू-मंगू की हरकतों से परेशान आकर अब इन पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। शीघ्र ही शिंकजा कसे जाने के परिणाम भी दिखायी देने की संभावना है। वैसे ये लम्पट भगवाधारी ऐसे-ऐसे दावे करता है, जो बड़े सिद्ध संतों के लिए भी दुर्लभ हैं। फिलहाल जमीन विवाद और संत की कथित गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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