प्राकृतिक आपदा में दिवंगत आत्माओं और देश की सीमा पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, संतों ने किया ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर का पूजन
नासिक। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण भ्रमणशील मंडल (जमात) की सात दिवसीय बैठक बुधवार को ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर, नासिक में विधिवत शुरू हुई। बैठक में अखाड़े के निर्वाण मंडल, मुख्यालय प्रयागराज सहित देशभर की विभिन्न शाखाओं से पहुंचे संत-महंतों ने भाग लिया। बैठक 30 सितंबर से छह अक्तूबर तक आयोजित की जा रही है।
बैठक के शुभारंभ अवसर पर नेपाल और भारत में प्राकृतिक आपदाओं में दिवंगत हुई आत्माओं की शांति के लिए संतों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हुए आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का सामना करने वाले दिवंगत सैनिकों एवं वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई। संतों ने राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की। इसके बाद बैठक को एक अक्तूबर की सुबह नौ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

संतों ने किया त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का पूजन
बैठक के दौरान संत-महंतों ने ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर महादेव के दर्शन और विधिवत पूजन किया। वाद्ययंत्रों के साथ निकाली गई शोभायात्रा में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद भगवान सदाशिव त्र्यंबकेश्वर, माता गोदावरी, महर्षि गौतम, माता अहिल्या एवं अन्य देवी-देवताओं के चरणों में पूजा-अर्चना की गई। संतों ने आगामी कुंभ मेला 2027 के निर्विघ्न, भव्य और सफल आयोजन के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने देश और समाज में सुख-शांति बनी रहने तथा समस्त भक्तजनों के कल्याण की कामना की।
बैठक में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महंत दुर्गादास, महंत आनंद, महंत रामनोगी दास, महंत सतगुणी सहित निर्वाण मंडल के संत-महंत एवं विभिन्न शाखाओं के स्थानीय मुकामी महंत और कोठारी शामिल हुए। इनमें व्यासमुनि, संवित संगुनी, कारवारी वंशीदास, विश्वासानंद, कोठारी लक्ष्मण दास, भोगेंद्र मुनि, कोठारी रवींद्र दास, सूर्यांश मुनि, जैमिनी दास, केवल्यानंद, हनुमान दास, बलवंतदास, कोठारी प्रेमदास, दुर्वेश दास, गणेश दास, सुंदर दास, अनुजमुनि, निर्मल दास, गोमती दास, कांढारी महेशमुनि, गंगा दास, सत्यानंद, सरस्वती दास, कोठारी दान मुनि, इंदल दास, गोपालदास, वैराग्यमुनि, अखिलेश्वर दास, हबिशनदास और गोविंददास सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे।
अखाड़े के प्रयागराज मुख्यालय के साथ वाराणसी, गया, गोपीगंज, सुल्तानगंज, असरगंज बिहार, कुरुक्षेत्र, हरियाणा, दयालपुर, पंजाब, श्रीशयारपुर, उज्जैन, बड़नगर, हैदराबाद, वृंदावन-मथुरा और नासिक सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से संतों की उपस्थिति रही। बैठक में अखाड़े की धार्मिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों के साथ आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों और आयोजन की सफलता को लेकर भी चर्चा की जाएगी।


