चारधाम यात्रा: खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, आनन्दा डेयरी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना

हरिद्वार। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनपदभर में होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि चारधाम यात्रा और गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में सोमवार को खाद्य सुरक्षा की संयुक्त टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में हरिद्वार बस अड्डे एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित आठ अस्थायी एवं स्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट और ढाबों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान तीन खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत साफ-सफाई बनाए रखने, ढक्कनयुक्त कूड़ेदान रखने तथा चारधाम यात्रा और मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं को ताजा भोजन परोसने के निर्देश दिए गए। वहीं, दो खाद्य कारोबारियों के पास एफएसएसएआई लाइसेंस नहीं मिलने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा जनसामान्य से प्राप्त शिकायतों का भी मौके पर निस्तारण किया गया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा को देखते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और खाद्य पदार्थों में मिलावट, ओवररेटिंग तथा गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आनन्दा डेयरी पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड
इस बीच विभाग की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में आनन्दा डेयरी, रामनगर, ज्वालापुर पर तीन लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। विभाग के अनुसार गत वर्ष कांवड़ मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार के लिए लाइसेंस एवं पंजीकरण) विनियम-2011 के तहत आवश्यक लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। साथ ही प्रतिष्ठान में एक्सपायरी (कालातीत) खाद्य सामग्री भी पाई गई थी।


मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार की अदालत में वाद दायर किया गया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आनन्दा डेयरी को दोषी मानते हुए उस पर 3 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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