विनोद धीमान
हरिद्वार। लक्सर-हरिद्वार मार्ग पर मुटकाबाद गांव के पास रविवार सुबह एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। घरेलू कलह से परेशान एक 75 वर्षीय वृद्धा ने करीब 20 फीट ऊंचे पुल से तालाब में छलांग लगा दी। लगभग 12 फीट गहरे पानी में गिरने के बावजूद वृद्धा डूबी नहीं और करीब डेढ़ घंटे तक पानी की सतह पर तैरती रही। बाद में ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे तालाब के पास से गुजर रहे एक ग्रामीण की नजर पानी के बीचोंबीच लेटी एक महिला पर पड़ी। पहले उसे लगा कि महिला की मौत हो चुकी है, लेकिन ध्यान से देखने पर उसके हाथ-पैर हिलते दिखाई दिए। इसके बाद उसने तत्काल गांव पहुंचकर अन्य लोगों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब किनारे पहुंच गए। लोगों ने देखा कि वृद्धा गहरे पानी में डूबने के बजाय पानी की सतह पर तैर रही थी। यह नजारा देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रह गया।
मुटकाबाद निवासी बॉबी, सुंदर, हरिओम, कन्हैया और नीशू ने बिना समय गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। युवकों ने कड़ी मशक्कत के बाद वृद्धा को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद उसके मुंह से काफी मात्रा में पानी निकला। इसके बाद ग्रामीण उसे सड़क किनारे स्थित माता मंदिर में ले गए, जहां उसकी देखभाल की गई।
ग्रामीणों के मुताबिक वृद्धा पास के ही एक गांव की रहने वाली है और पारिवारिक विवादों से परेशान थी। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। हालांकि इतनी ऊंचाई से गिरने और लंबे समय तक पानी में रहने के बावजूद उसका जीवित बच जाना लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वृद्धा करीब डेढ़ घंटे तक तालाब के पानी पर ऐसे तैरती रही मानो किसी बिस्तर पर लेटी हो। घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे ईश्वर की कृपा तथा ग्रामीणों की तत्परता का परिणाम बता रहे हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि घटना की कोई आधिकारिक सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।


