18 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हुई कई वारदातों का खुलासा
हरिद्वार। जनपद में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए मंगलौर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों की निशानदेही पर कुल 18 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनमें हरिद्वार के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा से चोरी की गई बाइक भी शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। वाहन चोरी की लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद एसएसपी ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी मंगलौर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह महर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों और संभावित मार्गों के 521 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और वाहन चोरी में पहले से शामिल अपराधियों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मास्क, कपड़े और हेयर स्टाइल बदलते थे, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर लगातार निगरानी रखी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुकदमे से संबंधित दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर अलग-अलग स्थानों से 16 अन्य चोरी की बाइक बरामद कर कुल 18 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कोतवाली मंगलौर, कलियर शरीफ, भगवानपुर, झबरेड़ा, रुड़की सहित उत्तर प्रदेश के देवबंद, मुजफ्फरनगर और हरियाणा के पानीपत क्षेत्र से मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। अन्य जनपदों से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित पुलिस इकाइयों को भेजी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हसीन पुत्र रईस और सोनू पुत्र अल्हादिया, निवासी ग्राम टांडा भनेड़ा, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपित पैदल क्षेत्रों में पहुंचकर मौका मिलते ही मोटरसाइकिल चोरी करते थे और तुरंत फरार हो जाते थे। पुलिस का कहना है कि जनपद में वाहन चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


