सोडियम शरीर के अंदर, पानी की कमी को पूरा करता है और शरीर के अंगों से, मस्तिष्क तक सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहायक होता है। मांसपेशियों के सही से काम करने में भी, सोडियम की भूमिका अहम होती है। शरीर में सोडियम की कमी पूरा करने के लिए, नमक प्रमुख स्रोत है।
शरीर में सोडियम की कमी से मस्तिष्क कमजोर हो जाता है। हमेशा सिर दर्द रहता हैत्र मन में अक्सर उलझन रहती है। इसके अतिरिक्त थकान का अनुभव होता है। चिड़चिड़ापन और भूलने का रोग भी पैदा हो जाता है। रक्त में सोडियम की कमी के कारण से बेचैनी अनुभव होती है।
सोडियम के प्राकृतिक स्त्रोत
सेब, अमरूद, एवोकैडो, पपीता, आम, कैम्बोला, अनानास, केला, खरबूजे और नाशपाती में प्राकृतिक सोडियम 1-8 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम के बीच होता है।
सोडियम की अधिकता का प्रभाव और कमी से होने वाले रोग
शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ने का सीधा प्रभाव किडनी पर पड़ता है। इसकी मात्रा ज्यादा बढ़ने पर ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। वहीं, इसकी कमी से कमजोरी, आंतों में रुकावट, पायरिया, हैजा भी हो सकता है। शरीर को नित्य 0.5 ग्राम सोडियम की आवश्यकता है, जो हमें सब्जियों से मिलता है। इसके अतिरिक्त सोडियम के लिए अलग से नमक का सेवन आवश्यक नहीं है। इससे कोई लाभ नहीं होता है। बल्कि, शरीर को नुकसान ही पहुंचता है। नमक की मात्रा बढ़ने से उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग, सूजन, कार्डियक व किडनी फेल्योर नेफ्रोटिक सिंड्रोम, जुकाम जैसे रोग होते हैं। इसकी कमी को पूरा करने के लिए फल, सब्जियां, चेरी, नीम के ताजा पत्ते, कमलगट्टा, धनिया, सेब, लौकी, खीरा, पत्तागोभी, दालें आदि का सेवन करें। शरीर में स्थित, कुल मैग्निशियम का 70 प्रतिशत हड्डियों में, फास्फेट तथा कार्बोनेट के रूप में पाया जाता है, बाकी मांसपेशियों में कैल्शियम के साथ रहता है। अंगूरों में मेसिक साइट्रिक तथा टार्टरिक अम्ल प्राकृतिक रूप में होते हैं। अंगूर में कुछ मात्रा में पोटेशियम, सोडियम तथा कैल्शियम भी होते हैं।
Dr. (Vaid) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
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