राम मंदिर दान विवाद में नया मोड़, अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए गंभीर आरोप

अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने लगाए गंभीर आरोप, SIT जांच की मांग


हरिद्वार। राम जन्मभूमि से जुड़े दान और सोना संग्रह के मुद्दे पर संत समाज के भीतर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीक्षित शिष्य स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाते हुए विशेष जांच दल (SIT) से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।


स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने एक बयान में दावा किया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश के लगभग एक हजार गांवों से सोना एकत्र किया। उन्होंने कहा कि SIT के सदस्यों को सबसे पहले यह जांच करनी चाहिए कि विभिन्न गांवों से कितना सोना एकत्र किया गया और उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।


उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी में भी लोगों से विशेष रूप से कुछ चुनिंदा व्यक्तियों के माध्यम से सोना खरीदने और संग्रह करने के लिए कहा गया था। स्वामी गोविंदानंद सरस्वती का कहना है कि स्वयं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोना संग्रह किए जाने की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी थी।


अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा अन्य स्थानों पर सोना, हीरे और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के विक्रय से जुड़े मामलों की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन और संग्रहित संपत्ति का विस्तृत ऑडिट कराया जाना आवश्यक है।

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