मोह-माया से दूर रहने का दंभ भरने वाले आश्रम पर कब्जे की जुगत में

आश्रम को आचार्य पीठ बनाने की गुपचुप तैयारी, संचालक को नहीं भनक
हरिद्वार।
भगवा धारण कर आमजन को मोह-माया से दूर रहने का उपदेश देने वाले स्वंय कितने मोया-मार्या के पाश में बंधे हैं इसका अंदाजा इनके रहन-सहन और जीवनशैली से ही लगाया जा सकता है। इसके साथ ही सम्पत्तियों पर कब्जा करने के भी ये आए दिन नए हथकंडे अपनाते रहते हैं। ऐसा ही एक सम्पत्ति को अप्रत्यक्ष रूप से को कब्जाने का गणित बैठाया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि कनखल स्थित एक आश्रम को आचार्य पीठ बनाने की कुछ तथाकथित भगवाधारियों द्वारा तैयारी की जा रही है। मजेदार बात यह कि आश्रम के संचालक को अभी तक इसकी भनक तक नहीं है। जिस आश्रम को आचार्य पीठ बनाने की एक संस्था द्वारा तैयारी की जा रही है उस आश्रम का संचालक स्ंवय भी उसका मालिकाना हक नहीं रखता। इसके साथ ही वह सम्पत्ति विवादित है। जिस पर न्यायालय में मुकद्मा चल रहा है। बावजूद इसके कुछ भगवाधारी कुछ संतों पर डोरे डाल रहे हैं। कथित भगवाधारियों का षडयंत्र है कि पहले आश्रम को आचार्य पीठ बनाया जाए उसके बाद आचार्य को भी दूध में से मक्खी की तरह बाहर किया जाए और फिर स्वंय आश्रम पर अपना कब्जा किया जाए। वहीं इसकी भनक लगते ही एक संत ने इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है तो वे इसके खिलाफ न्यायालय में लड़ाई लडेंगे। उनका कहना था कि सरकार को जितने भी मठ-मंदिर व अखाड़े हैं इनकी सम्पत्तियों की निगरानी करनी चाहिए और इनकी खरीद-फरोख्त पर रोक संबंधी कानून बनाना चाहिए। वरना आने वाले समय में सम्पत्ति के लिए भगवाधारियों के बीच विवाद को बढ़ने से कोई नहंीं रोक पाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *