हरिद्वार। राज्य स्थापना दिवस-2024 के अवसर पर हरकी पैड़ी पर आयोजित ड्रोन शो से जुड़े टेंडर की जानकारी उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के सहायक अभियंता प्रशांत कुमार सेमवाल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला आरटीआई कार्यकर्ता रमेश चंद्र शर्मा द्वारा दायर सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन से जुड़ा है। उन्होंने राज्य स्थापना दिवस समारोह में आयोजित ड्रोन शो के लिए जारी टेंडर, उसके आवंटन और संबंधित अभिलेखों की जानकारी मांगी थी। समारोह में ड्रोन शो सहित विभिन्न आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। नगर निगम, HRDA और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में निगम ने घाटों पर दीप प्रज्वलन के लिए लगभग 70 लाख रुपये खर्च किए थे, जबकि HRDA ने करीब 500 ड्रोन के प्रदर्शन का ठेका हरिद्वार की गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स फर्म को दिया था।
आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि ड्रोन शो जैसे तकनीकी कार्य का ठेका अनुभवयुक्त कंपनी को दिया जाना चाहिए था, लेकिन यह कार्य बिजली से संबंधित स्थानीय फर्म गुप्ता इलेक्ट्रिकल्स को आवंटित किया गया। बाद में उक्त फर्म ने ड्रोन शो का वास्तविक संचालन नई दिल्ली की कंपनी मेमर्स बोट लेव डायनेमिक्स प्रा. लि. से कराया। इससे टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, कमीशनखोरी और बिचौलिया व्यवस्था के आरोप उठे।
सूचना आवेदन पर तत्कालीन प्रथम लोक सूचना अधिकारी वर्षा ने उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए सूचना देने से इनकार कर दिया। इसके बाद रमेश चंद्र शर्मा ने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की।
सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त दिलीप सिंह कुंवर ने सहायक अभियंता प्रशांत कुमार सेमवाल को 15 दिन के भीतर चार बिंदुओं पर स्पष्ट सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। आयोग के आदेश के बावजूद समय सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
आयोग ने इसे सूचना के अधिकार अधिनियम की अवहेलना मानते हुए सहायक अभियंता पर धारा 20(1) के तहत 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही वसूली नियमावली-2013 के नियम 11(क) एवं 11(ड) के अनुसार तीन माह की अवधि के भीतर दो समान किस्तों में यह राशि राजकोष में जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं।


