हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार के सनसनीखेज मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां को न्यायालय से तीन दिन की रिमांड मिल गई है। रिमांड अवधि के दौरान वन विभाग की टीम आरोपी से गहन पूछताछ कर बाघों के गायब पंजों की बरामदगी और पूरे शिकार नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास करेगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि बाघों के शिकार की पूरी साजिश आमिर हमजा ने ही रची थी। आरोप है कि उसने मृत भैंस के शव पर जहरीला रसायन छिड़ककर बाघों को निशाना बनाया। बाघों की मौत के बाद उनके पंजे भी काट लिए गए थे। हालांकि घटना में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और जहरीला रसायन पहले ही बरामद किया जा चुका है, लेकिन दोनों बाघों के पंजे अब तक नहीं मिल पाए हैं।
वन विभाग की एसडीओ पूनम सिलोरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है, जो रिमांड अवधि के दौरान आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं, जिससे इस अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सकेगा।
मामले में पहले ही आमिर हमजा के चार साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तारी के दबाव के बीच आमिर हमजा ने सीधे अदालत में आत्मसमर्पण किया था। अब रिमांड मिलने के बाद वन विभाग उससे यह जानने की कोशिश करेगा कि बाघों के पंजे कहां छिपाए गए हैं और क्या इस शिकार कांड के पीछे कोई बड़ा वन्यजीव तस्करी गिरोह सक्रिय है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। साथ ही पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
वन विभाग को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद बाघों के शिकार से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सकेगा।


