कांस्टेबल अनिल पवार की मेहनत से मिला परिवार को अपना सहारा
विनोद धीमान
हरिद्वार। अक्सर पुलिस की पहचान कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन कभी-कभी पुलिस इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश करती है जो लोगों के दिलों में भरोसा जगा देती है। थाना पथरी क्षेत्र की फेरूपुर चौकी पुलिस ने एक वृद्ध महिला को उनके परिवार से मिलाकर संवेदनशीलता और मानवीय सेवा का अनोखा उदाहरण पेश किया है।
जानकारी के अनुसार 16 मई को थाना पथरी क्षेत्र में आम के बाग के पास एक वृद्ध महिला अकेली और बेहद परेशान हालत में मिलीं। महिला अपनी सही पहचान और पता नहीं बता पा रही थीं। उनकी बोली भी स्थानीय भाषा से अलग थी, जिससे उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। महिला के चेहरे पर अपनों से बिछड़ने की बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी।
सूचना मिलने पर फेरूपुर चौकी में तेनात सिपाही अनिल पवार महिला सिपाही सीमा के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को अपने संरक्षण में लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सिर्फ एक लावारिस महिला मानकर औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि मां की तरह उनकी देखभाल की। उन्हें खाना, दूध और चाय उपलब्ध कराई गई तथा लगातार उनके परिजनों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया गया।
इस पूरे अभियान में कांस्टेबल अनिल पवार की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने महिला की बोली, हाव-भाव और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर लगातार सुराग जुटाने का प्रयास किया। महिला कांस्टेबल सीमा के साथ मिलकर उन्होंने महिला की देखभाल भी की। हरियाणा कंट्रोल रूम, रुड़की कंट्रोल रूम और जिला कंट्रोल रूम हरिद्वार से लगातार संपर्क साधा गया। महिला की फोटो और वीडियो विभिन्न माध्यमों से साझा कर पहचान कराने की कोशिश की गई।
लगातार प्रयासों के बाद 17 मई को आखिरकार सफलता मिली। महिला के परिजन हरिद्वार कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां से उन्हें फेरूपुर चौकी भेजा गया। अपनी नानी को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि वे 16 मई को सोनीपत, हरियाणा से हरिद्वार आए थे और इसी दौरान उनकी नानी उनसे बिछड़ गई थीं। परिवार के लोग पिछले एक दिन से लगातार उनकी तलाश कर रहे थे।
फेरूपुर चौकी प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी है। उन्होंने कहा कि वृद्ध महिला को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाना पुलिस टीम के लिए सबसे बड़ी संतुष्टि का पल रहा। उन्होंने कांस्टेबल अनिल पवार, महिला कांस्टेबल सीमा और पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मानवता और संवेदनशीलता पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है।
परिजनों ने हरिद्वार पुलिस और फेरूपुर चौकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते मदद नहीं करती तो उनकी नानी को ढूंढ पाना बेहद मुश्किल हो जाता।


