कलियर शरीफ दरगाह की गोलक गिनती में कथित गड़बड़ी का मामला गरमाया, एसआईटी जांच और मुकदमा दर्ज करने की मांग

हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत साबिर पाक कलियर शरीफ में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली धनराशि की गोलक गिनती में कथित अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदोरिया, कमल भदोरिया तथा एलएलबी छात्र चेतन भदोरिया ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने तथा विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है।


अधिवक्ताओं का कहना है कि जिस प्रकार अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई, उसी प्रकार कलियर शरीफ दरगाह में भी दानराशि के प्रबंधन और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


प्रार्थना पत्र के अनुसार 11 जुलाई 2025 को पीरान कलियर स्थित साबरी गेस्ट हाउस में गोलक गिनती का कार्य चल रहा था। आरोप है कि उस दौरान गिनती प्रक्रिया में तैनात सुपरवाइजर राव सिकंदर हुसैन ने गोलक से निकली धनराशि में से कुछ रकम अपनी जेब में रख ली। मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा उन्हें रोककर तलाशी देने की बात कही गई, लेकिन आरोप है कि वह वहां से चले गए।


बताया गया कि घटना की सूचना तत्कालीन एसडीएम रुड़की को दी गई थी। इसके बाद वक्फ बोर्ड कार्यालय की ओर से पत्रांक संख्या 2527 दिनांक 11 जुलाई 2025 के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया। 13 जुलाई 2025 को संबंधित सुपरवाइजर द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया, जिसे अधिकारियों ने असंतोषजनक बताते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की थी।

अधिवक्ताओं का दावा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन आज तक न तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की गई।

भदोरिया एडवोकेट एसोसिएट का आरोप है कि इससे यह संदेह पैदा होता है कि आरोपी को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी गोलक गिनती से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसकी जांच और आदेश तो हुए, लेकिन कार्रवाई धरातल पर नहीं दिखाई दी।

अधिवक्ताओं ने एसएसपी हरिद्वार से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए तथा कोतवाली कलियर को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

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