श्री रामानंदी वैष्णव मंडल के चुनाव में बाबा बलराम दास हठयोगी फिर अध्यक्ष निर्वाचित

श्री रामानंदी वैष्णव मंडल के चुनाव में बाबा बलराम दास हठयोगी फिर बने अध्यक्ष

सर्वसम्मति से निर्वाचन पर वैष्णव संतों में खुशी, समर्थकों ने दी शुभकामनाएं


हरिद्वार। श्री रामानंदी वैष्णव मंडल के चुनाव में एक बार फिर बाबा बलराम दास हठयोगी को मंडल का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। रामानंदाचार्य रामानंद आश्रम, आचार्य महापीठ श्रावणनाथ नगर में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में संतों ने हिस्सा लिया। चुनाव के दौरान बाबा बलराम दास हठयोगी के पक्ष में 30 से अधिक संतों का समर्थन सामने आया, जिसके बाद उन्हें पुनः अध्यक्ष चुना गया।


वैष्णव मंडल का पूर्व कार्यकाल पूरा होने के बाद आज चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई। चुनाव के दौरान महंत रघुवर दास महाराज ने महंत दुर्गा दास के नाम का प्रस्ताव रखा। वहीं महंत प्रेमदास, महंत प्रमोद दास, महंत विष्णु दास सहित अन्य संतों ने बाबा बलराम दास हठयोगी के नाम का प्रस्ताव रखा।


समर्थन के दौरान महंत दुर्गा दास के पक्ष में करीब छह संतों का समर्थन बताया गया, जबकि बाबा बलराम दास हठयोगी के पक्ष में 30 से अधिक संतों ने समर्थन जताया। इसके बाद बाबा बलराम दास हठयोगी को श्री रामानंदी वैष्णव मंडल का पुनः अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।


पुनः अध्यक्ष बनने पर संतों ने दी बधाई
बाबा बलराम दास हठयोगी के दोबारा अध्यक्ष चुने जाने पर वैष्णव संतों में खुशी का माहौल रहा। संतों और समर्थकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए मंडल के हित में कार्य करने की अपेक्षा जताई।


बाबा बलराम दास हठयोगी ने कहा—संत समाज की एकता और सेवा प्राथमिकता
अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद बाबा बलराम दास हठयोगी ने संत समाज का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दोबारा सौंपी गई है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि श्री रामानंदी वैष्णव मंडल की गरिमा, संत समाज की एकता और सनातन परंपराओं की मजबूती के लिए सभी संतों को साथ लेकर कार्य किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि मंडल के माध्यम से संत समाज के हितों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाया जाएगा और धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने चुनाव में समर्थन देने वाले सभी संतों का आभार जताते हुए कहा कि मंडल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समूचे वैष्णव संत समाज का मंच है। उन्होंने सभी संतों से सहयोग और मार्गदर्शन बनाए रखने का आह्वान किया।

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