अखाड़ा परिषद विवाद: स्वामी आनंद स्वरूप का हरि गिरि पर बड़ा हमला, कहा— ‘पद छोड़ें, संत समाज के हित में दें इस्तीफा’

हरिद्वार। अखाड़ा परिषद को लेकर चल रहे विवाद के बीच शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने तथाकथित अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद में प्रारंभ से ही शंभू दल और रामा दल के बीच समन्वय और परंपरा के अनुसार कार्य होता आया है, इसलिए दोनों पक्षों को आपसी सहयोग और संत समाज की एकता को प्राथमिकता देनी चाहिए।


स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में संत समाज जिस प्रकार के विवादों से गुजर रहा है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका आरोप है कि परिषद के भीतर बढ़ते मतभेदों के पीछे कुछ व्यक्तियों की पद-लोलुपता जिम्मेदार है।


उन्होंने कहा कि ” ये पद के मोह में पूरी तरह डूबे हुए हैं। तथाकथित अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज किसी भी कीमत पर अपनी कुर्सी छोड़ना नहीं चाहते। चाहे उनके कारण समाज का कितना ही नुकसान क्यों न हो जाए, लेकिन ये इस्तीफा नहीं देंगे।”


स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि संत समाज में जिस प्रकार का विवाद और असंतोष लगातार बढ़ रहा है, उसे समाप्त करने के लिए हरि गिरि महाराज को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उनका कहना था कि यदि नेतृत्व विवाद का कारण बन जाए तो समाज और संस्था के हित में पद छोड़ देना ही उचित कदम होता है।


उन्होंने यह भी कहा कि अखाड़ों की गौरवशाली परंपरा और संत समाज की एकता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए, न कि पद की राजनीति को बढ़ावा देना चाहिए।


स्वामी आनंद स्वरूप महाराज के इस बयान के बाद अखाड़ा परिषद से जुड़े विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है और संत समाज में इस पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

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