हरिद्वार। श्री घाटा मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान के महंत नरेश पुरी महाराज का पांचवां पाटोत्सव एवं एक लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन समारोह धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, महामंडलेश्वरों, धर्माचार्यों एवं श्रद्धालुओं ने पहुंचकर महंत नरेश पुरी महाराज को शुभकामनाएं और मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
महंत नरेश पुरी महाराज द्वारा प्रतिवर्ष श्रावण मास में विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना की जाती है। इसी धार्मिक परंपरा के तहत इस वर्ष श्रावण मास की अवधि में एक लाख पार्थिव शिवलिंगों का विधि-विधान के साथ पूजन कराया गया। पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सैकड़ों वेद विद्वानों ने भाग लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ कर्म संपन्न कराया। पूरे श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा।
पाटोत्सव समारोह के दौरान संत समाज ने महंत नरेश पुरी महाराज के धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। समारोह में संतों ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर है और पार्थिव शिवलिंग पूजन का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। ऐसे आयोजनों से सनातन परंपराओं और वैदिक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य होता है।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने समारोह में पहुंचकर महंत नरेश पुरी महाराज को पांचवें पाटोत्सव की मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन धर्म, अध्यात्म और मानव कल्याण के लिए समर्पित होता है। श्रावण मास में एक लाख पार्थिव शिवलिंगों का पूजन एवं वैदिक यज्ञ का आयोजन सनातन परंपरा के संरक्षण और धार्मिक चेतना को मजबूत करने वाला कार्य है। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से महंत नरेश पुरी महाराज के स्वस्थ, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
महंत नरेश पुरी महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। प्रत्येक वर्ष श्रावण में शिव आराधना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समाज में धर्म और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने का प्रयास किया जाता है। इस वर्ष एक लाख पार्थिव शिवलिंगों का पूजन वेद विद्वानों के सहयोग से संपन्न कराया गया। उन्होंने समारोह में पहुंचे सभी संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
समारोह में महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि सहित अनेक संत-महात्मा, महामंडलेश्वर, धर्माचार्य, संत समाज और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने महंत नरेश पुरी महाराज को पाटोत्सव की मंगलकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक जीवन और निरंतर धार्मिक सेवा के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।


