पौड़ी हादसे ने लक्सर के परिवार को दिया जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द, सुबह से शाम तक गूंजती रही चीख-पुकार
विनोद धीमान
हरिद्वार। जिस आंगन में कुछ दिन पहले तक खुशियों की आवाजें गूंज रही थीं, शनिवार को वहीं मातम पसरा था। पौड़ी के दर्दनाक सड़क हादसे ने लक्सर के एक परिवार को ऐसा जख्म दिया, जिसका दर्द शायद कभी नहीं भर पाएगा। सुबह एक-एक कर जब परिवार के छह सदस्यों के शव गांव पहुंचे तो चीख-पुकार से माहौल दहल उठा। अपनों के शव देखकर परिजनों का कलेजा फट पड़ा। और जब छह जनाजे एक साथ घर से उठे तो गांव की गलियों में उमड़ा जनसैलाब भी इस दर्दनाक मंजर का गवाह बन गया। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन था और हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल था,एक ही परिवार पर इतनी बड़ी त्रासदी क्यों?
सुबह करीब छह बजे अरमान, उनकी मां शब्बो और अनाभिया के शव गांव पहुंचे। तीन शवों को देखकर ही परिवार का कलेजा फट पड़ा था, लेकिन करीब चार घंटे बाद जब अफजल, उसके बेटे अमन और भाई गुफरान के शव भी गांव पहुंचे तो मातम और गहरा गया। एक ही परिवार के छह सदस्यों के शव सामने देखकर परिजनों का सब्र टूट गया। घर में महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल दहल उठा।
छह शव… और हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार
शवों के गांव पहुंचते ही रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ घर के बाहर जमा हो गई। कोई परिवार को ढांढस बंधा रहा था तो कोई खुद अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था। जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहां शनिवार को छह जनाजों की तैयारी हो रही थी। धार्मिक रीति-रिवाज पूरे होने के बाद जब छह जनाजे एक साथ घर से निकले तो गांव की गलियां लोगों से भर गईं। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए।

जनाजे निकले तो उमड़ पड़ा जनसैलाब
छह लोगों की एक साथ अंतिम विदाई का मंजर जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। जनाजे के साथ चल रही भीड़ लगातार बढ़ती गई। हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध था। गांव की गलियों में सन्नाटा भी था और अपनों को खोने का दर्द भी। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था संभाली। जनाजे के मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और लोगों को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस लगातार मौके पर मौजूद रही।
अंतिम विदाई में पहुंचे नेता और अधिकारी
छह मृतकों की अंतिम विदाई में मगता हसन, आजाद समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता इकबाल अंसारी, लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद, सलीम, रहमान, कुर्बान, जुल्फिकार, अजय वर्मा, साधुराम वर्मा और रशीद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
प्रशासन की ओर से एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, सीओ देवेंद्र नेगी और कस्बा चौकी प्रभारी विपिन कुमार समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
एक हादसे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
पौड़ी हादसे ने सिर्फ छह जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि पीछे छोड़ गया ऐसा दर्द जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से लक्सर क्षेत्र सदमे में है।
शनिवार को जब एक साथ छह जनाजे उठे तो कुछ पल के लिए मानो पूरा गांव ठहर गया। हर आंख नम थी, हर चेहरा मायूस था और हर जुबान पर एक ही बात थी, एक ही परिवार पर आई यह त्रासदी बेहद हृदयविदारक है।


