हरिद्वार। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार में जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में नगर निगम क्षेत्र से लेकर विभिन्न तहसीलों तक सरकारी भूमि, सड़कों, फुटपाथों और नालियों पर किए गए अतिक्रमण हटाए गए।
नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने ललतारौ पुल से अपर रोड तक अभियान चलाकर मार्ग और नालियों पर किए गए 80 से अधिक अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया। अभियान के दौरान कुछ व्यापारियों द्वारा विरोध का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की गई।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में नालियों या फुटपाथों पर सामान, निर्माण सामग्री अथवा व्यावसायिक सामग्री रखने पर उसे जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
रुड़की क्षेत्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ के नेतृत्व में कलियर से धनोरी तक उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 200 से अधिक अवैध रेहड़ी, ठेली और खोखे हटाए गए तथा तीन स्थायी अतिक्रमण ध्वस्त किए गए।
वहीं लक्सर बाजार में उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला के निर्देशन में सड़क किनारे, फुटपाथ और नालियों पर किए गए अतिक्रमण हटाए गए। इस दौरान पांच लोगों के चालान भी किए गए।
उधर तहसील भगवानपुर में उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो गुरुवार से भगवानपुर क्षेत्र में भी अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल सहित प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीमें मौजूद रहीं।
प्रशासन का कहना है कि जनहित, सुगम यातायात और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


