सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार सुबह एक बार फिर आम जनता को बड़ा झटका देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। ताजा बढ़ोतरी के तहत पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। नई दरें सोमवार सुबह से पूरे देश में लागू हो गई हैं।
तेल कंपनियों द्वारा पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते भारत में ईंधन आयात महंगा हो गया है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर भी तेल कीमतों पर पड़ रहा है। तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था।
इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई थी। लगातार हो रही वृद्धि के कारण कई महानगरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी का असर अब परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई देने लगा है। आम जनता ने सरकार से राहत देने की मांग की है, जबकि विपक्ष ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।


