संयास के बाद भी राम मंदिर निर्माण न होने तक लिया था भगवा न पहनने का संकल्प
हरिद्वार। आखिरकार 500 वर्षों की तपस्या के बाद अयोध्या में अगले साल भव्य राम मंदिर लोकार्पित होने के साथ ही वर्षों पुरानी संकल्पना पूर्ण हो जाएगी। इसके साथ ही हिमालय लाडली नाम से प्रख्यात निरंतर सनातन धर्म को और अधिक फैलाने में जीवन समर्पित करने वाली साध्वी का संकल्प भी पूर्ण हो जायेगा। राम मंदिर लोकार्पण के बाद वे भगवा वस्त्र धारण करने लगेगी।
इसे एक अद्भुत संयोग प्रभु श्री राम जी का 14 वर्ष का वनवास था और हिमालय लाड़ली के संकल्प का भी वनवास 14 वर्ष का है। जो बाबा केदार नाथ एवं भगवान नारायण जी सहित भगवती आदि शक्ति की कृपा से 22 जनवरी 2024 को पावन नगरी अयोध्या में पूर्ण होने जा रहा हैं।
हिमालय लाड़ली ने एक संकल्प लिया था 2010 में कि वो साधु होने के बाद भी सन्यासी के वस्त्र तब तक नहीं पहनेगीं। जब तक अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर प्रभु का मंदिर नहीं बनता और उस पर भगवा ध्वज नहीं लहराता। इस पर उनके गुरू परिवार के लोग टोकतें थे। परन्तु उन्होंने भविष्यबद्री में शीतकाल में घोर तपस्या की उस समय पशु-पंछी, मनुष्य भी उस स्थान को छोड़ देते हैं। ऐसे स्थान पर 6 माह तपस्या पूर्ण होने पर वही अक्षय तृतीया को श्री मद् भागवत कथा संपूर्ण की। उनकी इस तपस्या और संकल्प से उनके गुरुदेव श्री हनुमान जी महाराज एवं स्वामी परमानंद गिरि महाराज प्रसन्न हुये।
मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का 500 वर्षों की सनातनियों की प्रतीक्षा को पूरा करन के लिए आभार जताया। हिमालय लाड़ली के संकल्प का वनवास 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज लगा कर और भगवा वस्त्र धारण कर पूर्ण होगा।


