हरिद्वार। उज्जैन में महामण्डलेश्वर ज्ञान दास के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद संत समाज में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में दुर्गाचार्य साध्वी कंचन गिरि ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकदमा दर्ज होने का स्वागत किया, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी भी जताई।
साध्वी कंचन गिरि ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगे हैं और उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो चुका है, तो निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए और ऐसे मामलों में कानून को बिना किसी भेदभाव के अपना कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र त्याग, तपस्या और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। यदि कोई व्यक्ति ऐसे वस्त्र धारण कर गंभीर अपराध करता है तो इससे पूरे संत समाज और भगवा की मर्यादा पर प्रश्नचिह्न लगता है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि अपराध करने वाले को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।
साध्वी कंचन गिरि ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे आरोपियों को संरक्षण देता है या उन्हें बचाने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कहा कि संत समाज की गरिमा बनाए रखने के लिए अपराधियों और संत परंपरा का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाना समय की आवश्यकता है।
इस संबंध में साध्वी कंचन गिरि का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गिरफ्तारी की मांग और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही।


