विनोद धीमान
लक्सर। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा के ग्राम धारीवाला में शनिवार को राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान और अदम्य शौर्य के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की जयंती ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। गांव में महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चारण, यज्ञ और हवन के बीच अनावरण किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इसे क्षेत्र के सबसे बड़े सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजनों में शामिल कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, ग्राम्य विकास एवं लघु सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा मौजूद रहे। मंच से नेताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्ररक्षा के लिए दिए गए बलिदान को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। पंडित राजकुमार शर्मा और पंडित देवकीनंदन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कराई। हवन कुंड से उठती आहुतियों और “महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारों से पूरा गांव राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रधान एवं जिला पंचायत सदस्य साधुराम चौहान ने किया। आयोजन स्थल पर करीब 5000 से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली। ग्रामीणों ने कहा कि यह सिर्फ प्रतिमा अनावरण नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और स्वाभिमान की नई चेतना का संदेश है।

स्वामी यतीश्वरानंद बोले — “महाराणा प्रताप त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति की जीवित मिसाल”
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने के बजाय जंगलों में रहना मंजूर किया, लेकिन स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवाओं को संघर्ष, साहस और मातृभूमि के लिए समर्पण का संदेश देता है।
उन्होंने कहा, “आज जब समाज अपनी संस्कृति और इतिहास से दूर होता जा रहा है, तब ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का काम करते हैं। महाराणा प्रताप सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि राष्ट्र स्वाभिमान के प्रतीक हैं।”
मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा — “महाराणा प्रताप का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा”
ग्राम्य विकास एवं खादी ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन संघर्ष और आत्मसम्मान की मिसाल रहा। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध भले इतिहास में अलग रूप से दर्ज हो, लेकिन महाराणा प्रताप ने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की।
उन्होंने कहा, “महाराणा प्रताप ने घास की रोटियां खाईं, जंगलों में जीवन बिताया, लेकिन मातृभूमि और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि सदियों बाद भी उनका नाम करोड़ों भारतीयों के दिलों में जिंदा है।”
भरत सिंह चौधरी ने कहा कि गांवों में इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
प्रदीप बत्रा बोले — “इतिहास के पन्नों में अमर है महाराणा का पराक्रम”
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में वीरता, संघर्ष और देशभक्ति के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की बात होगी, तब-तब महाराणा प्रताप का नाम सबसे आगे लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “महाराणा प्रताप ने अपने जीवन से यह साबित किया कि ताकत सिर्फ सेना या सत्ता में नहीं होती, बल्कि आत्मसम्मान और संकल्प में होती है। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह बोले — “महाराणा प्रताप राष्ट्र की आन-बान-शान”
चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हिंदुस्तान की वीरता और अस्मिता का सबसे बड़ा अध्याय है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि समाज अपनी नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के इतिहास और बलिदान से परिचित कराए।
उन्होंने कहा, “महाराणा प्रताप किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने दिखा दिया कि सच्चा योद्धा वही होता है जो आखिरी सांस तक मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करे। ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति और एकता को मजबूत करते हैं।”
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
कार्यक्रम में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मुस्तैदी से मौके पर डटे रहे। पुलिस प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को संभाले रखा और आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर राज्यमंत्री सुनील सैनी, चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह, राष्ट्रीय महासचिव ठाकुर रविंद्र सिंह, भाजपा नेता नेत्रपाल सिंह चौहान, राजपूत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलवंत सिंह चौहान, साधुराम चौहान, ग्राम प्रधान शिवानी चौहान, बादशाहपुर सहकारी समिति की सभापति ज्योति चौहान, अखंड राजपूताना सेवा संघ के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह चौहान, राजेश चौहान, राज्य किसान आयोग सदस्य करण सिंह, कदम सिंह चौहान, सतीश चौहान, कृष्णपाल चौहान, विजय चौहान, धर्मेंद्र सिंह चौहान, अशोक राणा, सुभाष चौहान, शिवम कश्यप, वेदपाल राणा, एडवोकेट सतपाल, पप्पू चौहान, सरदार करण सिंह, क्षेत्रपाल चौहान, अंकुर चौहान समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।


