श्री पंच शंभू आवाहन अखाड़े के महाराष्ट्र मंडल के श्रीमहंत बने स्वामी शंकरानंद महाराज

पुणे में पंच परमेश्वर व संतों की मौजूदगी में हुआ पट्टाभिषेक, शोभायात्रा और भंडारे का आयोजन

हरिद्वार/पुणे। श्री पंच शंभू आवाहन अखाड़े के संत स्वामी शंकरानंद महाराज को आज पुणे में अखाड़े के पंच परमेश्वर एवं वरिष्ठ संतों की गरिमामयी उपस्थिति में महाराष्ट्र मंडल का श्रीमहंत मनोनीत किया गया। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें चादर ओढ़ाकर विधिवत श्रीमहंत पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। मनोनयन के बाद स्वामी शंकरानंद महाराज के सम्मान में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्मा एवं श्रद्धालु शामिल हुए।

अखाड़े के सभापति श्रीमहंत प्रयाग भारती महाराज (वाराणसी) ने स्वामी शंकरानंद महाराज को श्रीमहंत बनने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वामी शंकरानंद लंबे समय से धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र मंडल और अधिक सशक्त होगा तथा अखाड़े की गौरवशाली परंपराओं का व्यापक विस्तार होगा।

अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत चेतनानंद गिरी महाराज (हरिद्वार) ने कहा कि श्री पंच शंभू आवाहन अखाड़ा सदैव सनातन धर्म की रक्षा और संत समाज के उत्थान के लिए कार्य करता रहा है। स्वामी शंकरानंद महाराज का मनोनयन उनकी सेवाओं, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा का सम्मान है। हमें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र मंडल धर्म प्रचार, सेवा और सामाजिक कार्यों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

नवनियुक्त श्रीमहंत स्वामी शंकरानंद महाराज ने कहा कि अखाड़े ने जो विश्वास और दायित्व उन्हें सौंपा है, उसका वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने तथा संत समाज की एकता और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

इस अवसर पर श्रीमहंत जय भारती महाराज (वाराणसी), श्रीमहंत अक्षय गिरी महाराज (वाराणसी), श्रीमहंत प्रशांत पुरी महाराज (श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, हरिद्वार), श्रीमहंत स्वामी सुमितानंद महाराज ब्रह्मचारी (श्री पंचायती अग्नि अखाड़ा, हरिद्वार), स्वामी संतोषानंद पुरी महाराज (कोतवाल, षड्दर्शन साधु समाज, अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति, हरिद्वार), श्री शंभू पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, हरिद्वार तथा श्री रमता पंच परमेश्वर, वाराणसी (उ.प्र.) सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।

पट्टाभिषेक समारोह के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों संतों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया तथा स्वामी शंकरानंद महाराज को श्रीमहंत बनने पर शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

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