श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति पर संत सम्मेलन, विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

हरिद्वार। श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास महोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को विधि-विधान के साथ पूर्णाहुति कर समापन किया गया। कथा के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में संत सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।


समापन अवसर पर सर्वप्रथम भगवान श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव का अभिषेक कर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद यज्ञ में आहुति देकर पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। संत सम्मेलन में संतों ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व का संदेश देते हुए सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का आह्वान किया।


उदासीन बड़ा अखाड़े के राघवेन्द्र दास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर सद्भाव, सेवा, संयम और भक्ति की भावना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है।


मंदिर के परमाध्यक्ष श्रीमहंत त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा और श्रावण मास महोत्सव का उद्देश्य धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति और संतों का सानिध्य जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। मंदिर में समय-समय पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन इसी उद्देश्य से किया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ा जा सके।


कथा के समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में संत-महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा यजमान श्रीमती मीना अग्रवाल, सत्यप्रकाश अग्रवाल मथुरा वाले, श्रीमती मिथलेश लवानिया तथा श्रावण मास महोत्सव के यजमान ज्ञानचन्द्र सिंघल एवं श्रीमती प्रमोद सिंघल, गुरुग्राम सहित अनेक भक्तगणों ने संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।


इस अवसर पर दुर्गा दास, गोविन्द दास, ओमप्रकाश शास्त्री सहित अनेक संत-महात्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और भक्तों ने भगवान श्री तिलभाण्डेश्वर महादेव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा एवं श्रावण मास महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।

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