श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन ने समाचारों का किया खंडन, कहा- दोनों को अखाड़े की ओर से कोई पद या अधिकार प्राप्त नहीं
हरिद्वार। श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन की ओर से महंत अग्रदास द्वारा मुखिया महंत रघुमानी को अखाड़े का श्रीमहंत नियुक्त किए जाने की मांग किए जाने संबंधी समाचारों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया गया है। अखाड़े की ओर से जारी स्पष्टीकरण में प्रकाशित खबर का खंडन करते हुए कहा गया कि महंत अग्रदास और मुखिया महंत रघुमानी को करीब तीन वर्ष पूर्व ही अखाड़े के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में निष्कासित किया जा चुका है।

अखाड़े की ओर से कहा गया कि महंत अग्रदास और मुखिया महंत रघुमानी द्वारा कथित रूप से अखाड़े के नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने व्यक्तिगत नाम से संपत्ति की खरीद-फरोख्त किए जाने के मामले में प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद दोनों को सर्वसम्मति से अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया था। अखाड़े का कहना है कि निष्कासन के बावजूद दोनों द्वारा अपने नाम के आगे अखाड़े के पदनाम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वर्तमान में उन्हें अखाड़े की ओर से किसी भी प्रकार का पद अथवा अधिकार प्राप्त नहीं है।
कहा गया कि श्री महंत महेश्वर दास के त्यागपत्र के बाद वर्तमान में उनके स्थान पर श्री महंत दुर्गा दास दायित्व संभाल रहे हैं। वहीं, निष्कासित सचिव महंत अग्रदास के स्थान पर सचिव के रूप में हंस मुनि कार्यरत हैं।
अखाड़े की ओर से स्पष्ट किया गया कि महंत अग्रदास और मुखिया महंत रघुमानी को अखाड़े की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी करने अथवा अखाड़े से संबंधित किसी भी प्रकार की मांग, घोषणा या बयान देने का अधिकार नहीं है। अखाड़े ने संबंधित खबर को आधिकारिक पक्ष नहीं मानने की अपील की है।
अखाड़े की ओर से कहा गया कि महंत अग्रदास और मुखिया महंत रघुमानी द्वारा अखाड़े के नाम से जारी किए जाने वाले किसी भी बयान अथवा प्रेस विज्ञप्ति को श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन का आधिकारिक पक्ष न माना जाए।


