मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
मुंबई में आगामी नासिक कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर महाराष्ट्र सरकार और संत समाज के बीच एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। इस दौरान सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों, संत-महात्माओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कुंभ पर्व को दिव्य, भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में संत समाज ने महाराष्ट्र सरकार को भरोसा दिलाया कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए अखाड़े और संत समाज हर स्तर पर पूरा सहयोग देंगे। संतों ने कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। ऐसे में इसकी गरिमा और परंपराओं को बनाए रखते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नासिक कुंभ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है और राज्य सरकार इसकी तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग के विकास को लेकर व्यापक योजना तैयार की जा रही है। सरकार का प्रयास रहेगा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल व्यवस्थाओं का उपयोग कर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाएगा।
बैठक में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि कुंभ भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव है। उन्होंने सरकार द्वारा समय रहते शुरू की गई तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि संत समाज आयोजन को सफल बनाने में पूरी भागीदारी निभाएगा।
श्री महंत राजेंद्र दास महाराज, श्री महंत हरी गिरी महाराज, मनसा देवी मंदिर के अध्यक्ष डॉ रविंद्र पुरी, मुरली दास महाराज सहित विभिन्न अखाड़ों के संतों ने भी अपने सुझाव दिए। संतों ने विशेष रूप से अखाड़ों की व्यवस्थाओं, साधु-संतों के आवास, शाही स्नान की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुंभ मेले के माध्यम से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार द्वारा जल्द ही कुंभ क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क निर्माण और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए विभिन्न परियोजनाओं को गति दिए जाने की संभावना है। बैठक में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।


