पैकेज्ड पानी, बेकरी उत्पाद और जीरा मसाला सोडा के नमूनों की जांच; सात दिन में जवाब और दस्तावेज मांगे
हरिद्वार। कांवड़ मेला के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण में खाद्य पदार्थों के लेबल पर अनियमितताएं पाए जाने पर सात निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने कंपनियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एंड डिस्प्ले) रेगुलेशन, 2020 के अनिवार्य प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने राष्ट्रीय राजमार्ग बहादराबाद कांवड़ क्षेत्र और चंडी घाट कांवड़ क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के पांच, बेकरी उत्पाद का एक और जीरा मसाला सोडा का एक नमूना, कुल सात नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए।
इन कंपनियों को जारी हुए नोटिस
पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की निर्माता कंपनियों अनंता एसेंसियल, हरिद्वार; विनायक उद्योग, हरिद्वार; सिल्वर मिस्ट बेवरेज, अंबाला कैंट; जया इंटरप्राइजेज, सहारनपुर और नगीना बेवरेज, नगीना को नोटिस जारी किए गए हैं।
इसी तरह बेकरी खाद्य पदार्थों की निर्माता कंपनी यूकेटो बेकर्स, हरिद्वार और जीरा मसाला सोडा की निर्माता कंपनी एसओ एंड एसओ बेवरेज, हरिद्वार को भी नोटिस दिया गया है।
विभाग के अनुसार, अनंता एसेंसियल के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लेबल पर निर्माता कंपनी का नाम-पता अंकित नहीं था तथा ‘टेस्ट ऑफ नेचर’ जैसे दावे किए गए थे। विनायक उद्योग के उत्पाद पर ‘पहाड़ी झरने के समान शुद्ध पानी’ और सिल्वर मिस्ट बेवरेज के उत्पाद पर ‘ट्रीटेड बाई वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी’ जैसे दावे पाए गए। जया इंटरप्राइजेज के उत्पाद पर ‘चैम्पियन्स ड्रिंक्स’ तथा नगीना बेवरेज के उत्पाद पर न्यूट्रीशनल क्लेम को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
वहीं यूकेटो बेकर्स के बेकरी उत्पादों के लेबल पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं होने तथा एसओ एंड एसओ बेवरेज की जीरा मसाला सोडा की बोतलों पर एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं होने पर कार्रवाई की गई।
सात दिन में देना होगा जवाब
सभी निर्माता कंपनियों को सात दिन के भीतर निरीक्षण में लेबल पर पाई गई अनियमितताओं के संबंध में जवाब प्रस्तुत करने और मांगे गए अनिवार्य दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी निर्माता कंपनी की ओर से निर्धारित अवधि में जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं अथवा प्राप्त जवाब एवं दस्तावेज संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत न्यायालय में वाद दायर कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


