हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 में शिवभक्तों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार द्वारा पहली बार शुरू की गई मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) व्यवस्था बेहद प्रभावी साबित हो रही है। कांवड़ मार्ग पर रणनीतिक स्थानों पर तैनात पांच मेडिकल मोबाइल यूनिटों के माध्यम से अब तक करीब 7 हजार कांवड़ यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि इस वर्ष पहली बार स्वास्थ्य विभाग ने पांच मेडिकल मोबाइल यूनिटों का संचालन शुरू किया है। ये यूनिट मंगलौर, बहादराबाद टोल प्लाजा, शंकराचार्य चौक (होटल प्रमिला), अलकनंदा होटल तथा हाईवे स्थित 4 पॉइंट पर तैनात हैं। प्रत्येक यूनिट प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सेवाएं दे रही है, जिससे यात्रा के दौरान बीमार या घायल होने वाले श्रद्धालुओं को तुरंत उपचार मिल रहा है।
प्रत्येक मेडिकल मोबाइल यूनिट में प्रशिक्षित चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और नर्सिंग स्टाफ सहित लगभग पांच सदस्यीय टीम तैनात की गई है। यूनिटों में प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयां, ऑक्सीजन, स्ट्रेचर और बुनियादी जांच की सुविधा उपलब्ध है। यदि कोई मरीज गंभीर स्थिति में मिलता है तो उसे तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है।
सीएमओ ने बताया कि इन मोबाइल यूनिटों के संचालन की लगातार निगरानी कांवड़ मेले के स्वास्थ्य नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता द्वारा की जा रही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
डॉ. आर.के. सिंह ने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, अत्यधिक थकान महसूस होने पर विश्राम करें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निकटतम मेडिकल मोबाइल यूनिट या स्वास्थ्य शिविर से तुरंत संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार ही सुरक्षित और सफल कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है तथा स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा हुआ है।


