हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सिंचाई विभाग द्वारा संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में विभाग के सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, तकनीकी अधिकारी, संबंधित ठेकेदारों के प्रतिनिधि, आवाह्न अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी चेतनानंद गिरी महाराज तथा स्थानीय नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कुंभ मेले से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्यों, घाटों के सुदृढ़ीकरण, तटबंधों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अब तक पूर्ण किए गए कार्यों एवं प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में कहा गया कि कुंभ मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जानी आवश्यक हैं। विशेष रूप से गंगा तटों, स्नान घाटों, संपर्क मार्गों और जल निकासी तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मानसून का मौसम शुरू हो चुका है और आगामी दिनों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। ऐसे में सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वामी चेतनानंद गिरी महाराज ने बैठक में कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का विश्वस्तरीय महापर्व है। इसलिए इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
स्थानीय लोगों ने भी बैठक में अपने सुझाव रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव, पहुंच मार्गों की स्थिति, घाटों की मरम्मत तथा अन्य आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और प्रत्येक परियोजना की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए, जिससे कुंभ मेले की तैयारियों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
अंत में अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिए जाएंगे और आगामी कुंभ मेले के लिए हरिद्वार को पूरी तरह तैयार किया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने कुंभ मेले के सफल, सुरक्षित एवं भव्य आयोजन के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।


