विनोद धीमान
हरिद्वार। जनपद के लक्सर क्षेत्र में कार सवार डॉक्टर और उसके साथियों पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली लक्सर पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड सत्संगी बाबा मंगत दास उर्फ सागर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस प्रकरण में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के सख्त निर्देशों के तहत अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान पुलिस टीम ने सटीक मुखबिरी के आधार पर 5 मई को मुख्य आरोपी को दबोचा। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध पिस्तौल भी बरामद की गई है।
घटना 27 अप्रैल 2026 की है, जब डॉ. सुमित कुमार निवासी दाबकी कलां अपनी कार से हंस फाउंडेशन अस्पताल बहादराबाद से लौट रहे थे। उनके साथ कार में उनके साले और अन्य साथी भी मौजूद थे। रास्ते में बाडीटीप के पास बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
इससे पहले 14 अप्रैल को भी दाबकी गांव के पास इसी तरह की फायरिंग की घटना सामने आई थी। बाद में वाहन की जांच में टायर के अंदर से गोली भी बरामद हुई थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि डॉक्टर को पहले से निशाना बनाया जा रहा था।
पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली लक्सर में मुकदमा अपराध संख्या 383/26, धारा 109 बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी मंगत दास उर्फ सागर ने स्वीकार किया कि उसने ही अपने साथी शुभम सैनी के साथ मिलकर डॉक्टर की गाड़ी पर फायरिंग की थी। उसने बताया कि उसने डॉक्टर सुमित को मारने के इरादे से चार गोलियां चलाई थीं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी की डॉक्टर से कोई सीधी रंजिश नहीं थी, बल्कि डॉक्टर के साले सुमित से उसकी दुश्मनी थी। दरअसल, आरोपी की बहन का रिश्ता सुमित के साथ तय हुआ था, लेकिन शादी से इंकार करने के बाद आरोपी ने बदला लेने की ठान ली और हत्या की साजिश रच डाली।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बाबा मंगत दास उर्फ सागर (23 वर्ष) पुत्र तेग सिंह निवासी ग्राम कंडीला शेखूपुरा, थाना आदर्श मंडी, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों और साजिश के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


