चंपत राय पर लगे आरोप विपक्ष की साजिश, संत समाज ने किया बचाव

हरिद्वार। राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय के समर्थन में संत समाज खुलकर सामने आया है। कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में आयोजित बैठक में संतों ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विपक्ष की राजनीतिक साजिश करार दिया।


बैठक को संबोधित करते हुए बाबा हठयोगी ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए विपक्ष संघ और भाजपा की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान में कुछ धार्मिक पदाधिकारी भी शामिल हैं। उनका कहना था कि संत समाज संघ और भाजपा को बदनाम करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगा।


महंत जसविंदर सिंह ने कहा कि चंपत राय संत स्वभाव और सरल व्यक्तित्व के व्यक्ति हैं तथा राम मंदिर निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा कोई गलत कार्य किया जाता है तो उसके लिए सीधे चंपत राय को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।


वहीं महंत ईश्वर दास और स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। विपक्ष के पास चुनावी मुद्दों का अभाव है, इसलिए चंपत राय पर आरोप लगाकर नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को राजनीतिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा गया। संतों ने 18 जून को विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की।


बैठक में बाबा हठयोगी, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत जसविंदर सिंह, स्वामी अच्यूतानंद, महंत निर्भय सिंह, महंत गोपाल हरि, महंत खेम सिंह, महंत दर्शन सिंह शास्त्री, महंत वीरेंद्र सिंह, महंत परविंदर सिंह तथा संत बीर सिंह सहित अनेक संत-महंत उपस्थित रहे।

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