चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, कई ढाबों व होटलों पर छापेमारी

हरिद्वार। चारधाम यात्रा को देखते हुए हरिद्वार जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और ओवररेटिंग पर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जनपद भर में होटल, ढाबों, दुकानों और रेस्टोरेंट्स में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि तीर्थ यात्रियों को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।


सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी ने जानकारी दी कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा उत्तराखंड सचिन कुर्वे और जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष अभियान चलाया गया। चिड़ियापुर क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में टीम ने 9 ढाबों और होटलों तथा एक होलसेलर का निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान असवाल ग्रीन वैली ढाबा में फूड लाइसेंस प्रदर्शित नहीं पाया गया, जिस पर संचालक को मौके पर नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर लाइसेंस बनवाकर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।


इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक और शाही जीरा पेय को लेकर मिल रही शिकायतों के आधार पर दो नमूने जांच के लिए भेजे गए। जांच में यह भी सामने आया कि शाही जीरा कोल्ड ड्रिंक की बोतलों पर एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी और विक्रय इनवॉइस पर फूड लाइसेंस नंबर भी दर्ज नहीं था। इस पर निर्माता कंपनी को नोटिस जारी कर उत्पाद को बाजार से वापस (रिकॉल) करने के निर्देश दिए गए हैं।


वहीं, Diet Coke के “नो शुगर, नो कैलोरी” दावे की सत्यता जांचने के लिए संबंधित कंपनी से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं।


नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र में भी निरीक्षण अभियान चलाते हुए दूध के 2 और मावा का 1 नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके साथ ही रुड़की क्षेत्र में कोर कॉलेज से नारसन बॉर्डर तक होटल-ढाबों का निरीक्षण कर अरहर दाल, पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर, मेयोनीज और बेसन के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए।


खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की मिलावट या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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