हरिद्वार। अर्द्धकुंभ मेला को लेकर आज हुई मेला प्रशासन और संतों की बैठक के बीच अजब नजरा देखने को मिला। जब यूपी के पीलीभीत से चलकर बैठक में शामिल होने आए श्री शंभू पंच दशनाम अखाड़े के श्रीमहंत को बैठक को छोड़कर जाना पड़ा।

हुआ यूं की सोमवार को शासन के साथ संतों की बैठक होनी थी। बैठक दोपहर बाद आरम्भ हुई। बैठक में शिरकत करने के लिए श्री शंभू पंच दशनाम अखाड़े के श्रीमहंत सत्य गिर भी पहुंचे। जैसे ही श्री महंत सत्य गिरि अपनी कुर्सी पर बैठे इसी दौरान उनके पास एक फोन आया और वे तुरंत बैठक छोड़कर बाहर चले आए। श्रीमहंत सत्य गिरि के बैठक से अचानक बाहर आने से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी है। इस बैठक में सभी 13 अखाड़ों को आमंत्रित किया गया था। जबकि जूना अखाड़े के श्रीमहंत हरिगिरि हरिद्वार से बाहर थे। यंू तो श्रीमहंत सत्य गिरि के भी स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैठक में शामिल न होने की चर्चा थी, किन्तु सत्य गिरि बैठक में पहुंच गए।
सूत्र बताते हैं कि दूसरे गुट के समर्थन में एक और अखाड़े की गिनती न बढ़ जाए, इस कारण से उनके आकाओं ने उन्हें बैठक से तत्काल बाहर आने का फोन पर आदेश दिया। बहरहाल इस घटनाक्रम से इतना तो शासन-प्रशासन के जिम्मेदार लोगों को यह आभास हो गया है कि कुछ लोग कुंभ पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने में रोड़ा बनने का कार्य कर रहे हैं। बता दें कि इससे पूर्व ओम पुल के समीप मुख्यमंत्री के साथ पूर्व में अखाड़ों की बैठक में आवाह्न अखाड़े के श्रीमहंत गोपाल गिरि महाराज को बैठक से बाहर कर दिया गया था।
चर्चा है कि इन दोनों घटनाक्रमों से आवाह्न अखाड़े का अपना स्वंय का कोई वजूद नहीं है। दूसरे के इशारे पर नाचने वालों को …………. होना ही पड़ता है।


