गजब : साध्वी का दावा, मुंबई में शिक्षा ले रहे आचार्य महामंडलेश्वर के बच्चे

“कीचड़ उछालोगे तो बेनकाब हो जाओगे”— साध्वी के बयान से संत समाज में भूचाल संत समाज में फिर बढ़ा विवाद, साध्वी के बयान से मचा हड़कंप


हरिद्वार। संत समाज के भीतर चल रही बयानबाजी और आपसी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। हाल ही में एक श्रीमहंत द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद गहरा गया है और संतों के विभिन्न गुटों के बीच तनाव बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है। संत समाज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो कई बड़े संतों और मठाधीशों से जुड़े मामलों पर कुछ बेपर्दा हो सकते हैं।


गौरतलब है कि कुछ समय पहले एक संत ने कुंभ में संतों की पहचान एवं जांच के बाद ही प्रवेश दिए जाने की बात कही थी। इस बयान के बाद संत समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। अब एक साध्वी ने पलटवार करते हुए कुछ संतों के चरित्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


साध्वी ने कहा कि जो लोग दूसरों की योग्यता और पात्रता पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने दामन में झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे लोग संत और ब्रह्मचारी होने का दावा करते हैं, जबकि उनका पारिवारिक जीवन भी है। साध्वी ने दावा किया कि कुछ बड़े पदों पर बैठे व्यक्तियों के पत्नी और बच्चे हैं तथा उनके परिवार अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं। एक अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर के बच्चे तो मुंबई में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि यदि संतों की जांच की मांग उठाई जा रही है तो यह प्रक्रिया सभी पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। केवल चुनिंदा लोगों को निशाना बनाना उचित नहीं है। साध्वी ने कहा कि पहले उन लोगों की जांच होनी चाहिए जो बड़े-बड़े मंचों से प्रवचन देते हैं और धार्मिक संस्थाओं का संचालन करते हैं।


साध्वी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा तो कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो संत समाज की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि “यदि कीचड़ उछालने की राजनीति की जाएगी तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।”


साध्वी के इस बयान के बाद संत समाज में हलचल तेज हो गई है। विभिन्न अखाड़ों और धार्मिक संगठनों के संतों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों का मानना है कि इस प्रकार के सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से संत समाज की गरिमा प्रभावित होती है।

हल की जिस प्रकार से विवाद बढ़ रहा है, उसको व साध्वी के तेवर देखते हुए मामला बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही कई के चेहरे से नकाब उतरने की भी संभावना है।

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