आरएसएस-एबीवीपी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर, संगठन में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां
देहरादून। उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाया है। वर्तमान में वे राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री स्तर) के पद पर हैं। लंबे समय से संगठन से जुड़े दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाए जाने को भाजपा के अनुसूचित जाति समाज के बीच राजनीतिक समन्वय मजबूत करने की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

दिनेश आर्य ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की। आरएसएस में उन्होंने तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद विद्यार्थी परिषद से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हुए और भाजपा में आने के बाद विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
नैनीताल में जिला संयोजक के रूप में काम करने के साथ उन्होंने युवा मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा में भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2007 से 2010 तक वे भाजपा नैनीताल के जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद अनुसूचित जाति मोर्चा में राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2017 से 2021 तक वे अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव और पंजाब प्रभारी रहे।
वर्ष 2021 में उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) बनाया गया। इसके बाद 2023 से वे राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में लंबे समय तक सक्रिय रहे दिनेश आर्य को जमीनी स्तर पर संगठन से जुड़े नेता के तौर पर देखा जाता है। राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में उनके नाम की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इसे संगठन और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।


