विनोद धीमान
हरिद्वार। थाना पथरी क्षेत्र के गांव अम्बूवाला की 70 वर्षीय विधवा बालेश्वरी ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वह 30 जून को एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगी। इस चेतावनी के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
बालेश्वरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के पांच लोगों ने उनकी नाबालिग पोती के साथ अशोभनीय हरकत की। जब उनके बेटे अर्जुन और बहू पूनम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों, सरियों और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, इस हमले में बहू पूनम के सिर पर गंभीर चोट आई और कई टांके लगाने पड़े। वहीं बेटा अर्जुन गंभीर रूप से घायल हुआ, उसका जबड़ा फ्रैक्चर हो गया और दांत भी टूट गए। बालेश्वरी स्वयं भी हमले में घायल हुईं।
महिला का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने थाना पथरी में तहरीर दी, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके विपरीत, प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस ने एक आरोपी की शिकायत पर उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
बालेश्वरी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी और डीआईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत भेजकर न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अब भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वह 30 जून को एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।


