हरिद्वार। जनपद में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन अलग-अलग स्थानों पर चल रहे अनाधिकृत व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया। लगातार निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद निर्माण कार्य बंद नहीं किए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार टिहरी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-7 के सामने लगभग 30×30 वर्गफुट क्षेत्रफल में व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। इसके अलावा ज्वालापुर सलेमपुर स्थित मीनाक्षीपुरम में पानी की टंकी के पास करीब 25×30 वर्गफुट क्षेत्रफल में दुकानों का निर्माण कराया जा रहा था। वहीं ज्वालापुर के रावली महदूद क्षेत्र में तालाब के सामने लगभग 15×30 वर्गफुट क्षेत्रफल में दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा था।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि उक्त सभी निर्माण बिना स्वीकृति के किए जा रहे थे, जिनके विरुद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वाद योजित किए गए थे। निर्माणकर्ताओं को कई बार कार्य रोकने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया।
इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर तीनों अवैध निर्माण स्थलों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने कहा कि जनपद में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


