मुंह की लार के विषय में आज हम जो बताने जा रहे हैं, उसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि मुंह की लार आपके जीवन को संवारने में कितना महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
जो हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसे अपना कर आप कई बीमारियों को खुद से दूर रख सकते हैं।
1:- दिन की शुरुआत पानी से करें
सुबह उठते ही सबसे पहले उम्र के हिसाब से अगर छोटे बच्चे हैं तो एक क्लास बड़े हैं तो दो से तीन ग्लास पानी पी लें। याद रखें सुबह का पानी कुल्ला करने से भी पहले पीना चाहिए। और साथ हीं यह भी याद रखें की पानी कभी भी घूट-घूट कर धीरे-धीरे और बैठकर हीं पीना चाहिए।
2:- सुबह का लार है अनमोल
कहते हैं सुबह का लार पेट के लिए बेहद लाभदायक होता है। जब आप पानी पीते हैं तो रात भर मुंह में जमा लार पानी के साथ आपके पेट के अंदर जाता है। जो पेट के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। अगर आपका पेट अच्छा रहेगा तो और सब भी अच्छा, इसलिए सुबह की लार बेहद कीमती है। इसे यूं ही बर्बाद ना करें।
3:- किडनी का दोस्त
सुबह की लार ही नहीं पूरे दिवस व जीवन पर्यंत जब हम पानी को मुँह में घुमा घूमा कर पीते हैं जिसके कारण पानी में लार घुल कर पेट में जाता है और पेट से अन्य उपांगों में उन सभी उपांगों को स्वस्थ रहने में मदद करता है अमेरिका के डॉक्टर ने 12 वर्ष शोध करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुँचे की घूंट घूंट पानी पीने वाले किडनी रोगी का डायलसिस की प्रक्रिया में कमी आती है और अंत में किडनी पूणतः स्वस्थ हो जाती है।
4:- चश्मा उतारने में मददगार
सुबह की लार काजल की तरह आंखों में लगाने से, आंखों की रोशनी बढ़ती है। और चश्मा तक उतर जाता है।
5:- आंख आना (कंजक्टिवाइटिस)
इसमें आंखें लाल हो जाती है। आंखों में काफी दर्द होता है। जलन के साथ खुजलाहट भी रहता है। आंखों से पानी आता रहता है। और आंखों में कीचड़ भी जमा होता रहता है। अगर सुबह की लार आप अपनी आंखों में लगाएंगे तो कहते हैं 24 घंटे के भीतर आंख ठीक हो जाता है।
6:- नयन के सभी रोग
जो इंसान सुबह की बासी लार काजल की तरहः आंखों में लगता है उसे जीवन भर नयन के कोई रोग नही होता है संक्षेप में कंहुँ तो लगभग आँखों के 22- 23 रोग इसके नियमित सेवन से नष्ट होता है।
7:- जलने के दाग
यहां तक की सुबह-सुबह की लार जले हुए दाग पर रोज लगाने से 6-8 महीने में दाग मिटने लगते हैं।
8:- सभी चर्म रोग
सुबह की लार से नियमित मालिश से सभी चर्म रोग नष्ट होते हैं।
9:- सभी प्रकार के जख्म
सुबह की बासी लार को मलहम की तरहः नियमित उपयोग कर सभी प्रकार के जख्म को भरा जा सकता है अनमोल औषधि है। (यँहा तक मधुमेह रोगी के जख्म को भी जल्द से जल्द भरती है)।
10:- बालो की समस्या (झड़ना व सफेद व गंजापन)
सुबह की बासी लार की नियमित मालिश से बालो की समस्या नष्ट होती है।
11:- चेहरे की समस्या
त्वचा के सभी रोग इसके नियमित मालिस से नष्ट होता है कील मुँहासे रूखापन दाग धब्बे, ये है मुंह की लार के फायदे इतना ही नहीं मुंह की लार और भी बहुत सारी बीमारियां, जैसे एक्जिमा, सोरायसिस, और भेंगापन जैसी बीमारियों मे भी काफी फायदेमंद साबित होता है। तो क्यों ना आज से हीं हम अपना यह रूटीन बना लें, कि सुबह उठते हीं सबसे पहले भरपूर मात्रा में पानी पीएं, और बीमारियों को अलविदा कहें।
कैंसर रोगी या अन्य रोग के कारण जब उनके लार बनने की प्रक्रिया बन्द हो जाती है तो यही लार 10 उस लगभग 10 से 15 हजार में मिलती है वो भी किसी और का जुठा। जब आपके लार बनने की क्षमता कम हो जाए तो उसकी अचूक औषधि है अपनी रसोई में हर कड़वी व कसैली जैसे मेथी, आंवला,त्रिफला व सभी प्रकृति के द्वारा प्रदान किये गए दातुन व उनके पत्ते जैसे नीम, करंज, बबूल, महुआ जामुन, कदम्ब, आम, अमरूद, बेल, पीपल, अपामार्ग, बांस, इत्यादि, जो इंसान अप्राकृतिक मंजन (आर्थत पेस्ट केमिकल युक्त) का, नशीली वस्तुयों का, सेवन करते है या किसी रोग के उपचार में उपयोग एलोपैथी दवा का दुष्प्रभाव उनकी लार बनने की क्षमता कम होती है।
लार दुनियाँ की सबसे अच्छी औषधि
लार दुनियाँ की सबसे अच्छी औषधि है। इसमें औषधीय गुण बहुत अधिक है। किसी चोट पर लार लगाने से चोट ठीक हो जाती है। लार पैदा होने में एक लाख ग्रन्थियों का काम होता है। जब कफ बहुत बढ़ा हुआ हो तभी आप थूक सकते हैं अन्यथा लार कभी नहीं थूकना चाहिए। सुबह की लार बहुत क्षारीय होती है। इसका पीएच-8।4 के आस-पास होता है।
पान बिना कत्था, सुपारी और जर्दे (तम्बाकू) का खाना चाहिए जिससे कि उसकी लार को थूकना न पड़े। कत्था और जर्दा कैंसर करता है इसलिए इसे लार के साथ अन्दर नहीं ले सकते हैं। गहरे रंग की वनस्पतियाँ कैंसर, मध् गुमेह, अस्थमा, जैसी बीमारियों से बचाती हैं। पान कफ और पित्त दोनों का नाश करता है। चूना वात का नाश करता है। जिस वनस्पति का रंग जितना ज्यादा गहरा हो वह उतनी ही बड़ी औषधि है।
देशी पान (गहरे रंग वाला जो कसेला हो) गेहूँ के दाने के बराबर चूना मिलाएं, सौंफ मिलाएं, अजवाइन डालें, लौंग, बड़ी इलायची, गुलाब के फूल का रस (गुलकन्द) मिलाकर खायें।
ब्रह्म मुहूर्त की लार अथवा सुबह उठते ही मुँह में जो लार होती है, वह बाकी के समय से ज्यादा फायदेमन्द होती है। इसलिए सुबह उठते ही ये लार अन्दर जानी ही चाहिए।
शरीर के घाव जो कि किसी दवा से ठीक नही हो रहे हों, उन परं सुबह उठते ही अपनी बासी मुँह की लार लगानी चाहिए। 15-20 दिन में घाव भरने लगता है और 3 महीने के अन्दर घाव पूरी तरह ठीक हो जायेगा। गैंगरिन जैसी बीमारी 2 साल में ठीक हो जायेगी। जानवर अपना सब घाव चाट-चाट कर ठीक कर लेते हैं।
लार में वही 18 पोषक तत्व होते हैं जो कि मिट्टी में होते हैं। शरीर पर किसी भी प्रकार के दाग-धब्बे हो, सुबह की लार लगाते रहने से 1 साल के अन्दर सब ठीक कर देती है। एक्जिमा और सोराइसिस जैसी बीमारियों को भी सुबह की लार से ठीक कर सकते हैं। 1 साल के अन्दर परिणाम मिल जाते हैं।
सुबह की लार आँखों में लगाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है और आँखों के चश्में उतर जाते हैं। आँखें लाल होने की बीमारी सुबह की लार लगाने से 24 घण्टे के अन्दर ठीक होती है। सुबह-सुबह की लार, आँखें टेढ़ी हो अर्थात आँखो में भेंगापन की बीमारी हो, को सही कर देती है।
आँखों के नीचे के काले धब्बों के लिए रोज सुबह की लार (बासी) लगायें। सुबह उठने के 48 मिनट के बाद मुँह की लार की क्षारीयता कम हो जाती है। जितने भी टूथपेस्ट है सब एंटी-एल्क्लाइन है। इसमें एक केमिकल होता है, सोडियम लारेल सल्फेट जो लार की ग्रंथियों को पूरी तरह से सुखा देता है। नीम की दातून चबाते समय बनने वाली लार को पीते रहना चाहिए।,
Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
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