देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताकर नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मोटी रकम ठगता था। थाना राजपुर पुलिस ने गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले का खुलासा किया है।
महिला जनप्रतिनिधि से 25 लाख की ठगी
मामले में शिकायतकर्ता भावना पांडे ने पुलिस को बताया कि एक व्यक्ति कनिष्क सिंह के नाम से उनसे संपर्क में आया। आरोपी ने खुद को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का निजी सचिव बताया और उत्तराखंड में सर्वे कराने व पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की मांग की। 13 अप्रैल को आरोपी ने अपने एक साथी को जाखन स्थित पिनाकिल रेजिडेंसी भेजा, जहां से नकद रकम ले ली गई। इसके बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और पैसे भी वापस नहीं किए।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आरोपी फिर से जाखन क्षेत्र में किसी अन्य नेता से “टिकट दिलाने” के नाम पर पैसे लेने आने वाला है। इसी सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
थाना राजपुर प्रभारी पी.डी. भट्ट के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का असली नाम गौरव कुमार है, जो अमृतसर (पंजाब) का निवासी है। आरोपी सोशल मीडिया और वेबसाइट्स से नेताओं की प्रोफाइल और संपर्क जानकारी जुटाता था। उसने ट्रकलर पर फर्जी आईडी बनाकर खुद को “कनिष्क सिंह” दिखाया। पुराने वास्तविक निजी सचिव के नाम का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था। इसके बाद “पद दिलाने”, “टिकट दिलाने” या “पार्टी में सेटिंग” के नाम पर रकम वसूलता थ
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने तीन साथियों—छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू (सभी पंजाब निवासी)—के साथ मिलकर कई राज्यों में ठगी कर चुका है। 2017, जयपुर (राजस्थान): दो नेताओं से टिकट दिलाने के नाम पर 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपये 2025, पटना (बिहार): एक नेता से पद दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये व अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कई घटनाओं की जांच जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी उत्तराखंड में भी कई वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में था और लगातार नए शिकार तलाश रहा था।


