हरिद्वार। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक परिवार का हरिद्वार में सनातन धर्म अपनाने का मामला सामने आया है। धार्मिक संगठनों और साधु-संतों की उपस्थिति में नमामि गंगे घाट पर विधि-विधान से गंगा स्नान और शुद्धिकरण के बाद परिवार ने धर्म परिवर्तन किया। परिवार के मुखिया ने अपना नाम बदलकर शंकर और उनकी पत्नी ने सावित्री रख लिया है। उनके साथ दो बेटियों और एक बेटे ने भी सनातन धर्म स्वीकार किया।
वैदिक रीति से कराया गया अनुष्ठान
कार्यक्रम में रामविशाल दास महाराज, अरुण कृष्ण महाराज, अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों सहित अन्य साधु-संत मौजूद रहे। पूरे परिवार का हवन-यज्ञ और शुद्धिकरण संस्कार कराया गया।
बाबा हठयोगी ने बताया कि परिवार ने वैदिक परंपराओं के अनुसार सनातन धर्म स्वीकार किया है और उन्हें हिंदू धर्म की रीति-रिवाजों की जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवार के पूर्वज पहले हिंदू थे और अब उन्होंने पुनः घर वापसी की है।
धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति (अब शंकर) ने कहा कि उनकी भगवान शिव में गहरी आस्था है और इसी कारण उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस फैसले के बाद उन्हें कुछ लोगों से जान का खतरा महसूस हो रहा है।
अरुण कृष्ण महाराज के अनुसार, परिवार ने स्वयं आगे आकर सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके संपर्क में ऐसे अन्य लोग भी हैं जो घर वापसी करना चाहते हैं।


