एक डाक्टर द्वारा एक नर्सिंग अधिकारी पर जानलेवा हमला करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद नर्सिंग अधिकारी ने प्रथम वर्ष के डॉक्टर पर हत्या के प्रयास की शिकायत है।
नर्सिंग अधिकारी गौरव उप्रेती ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य सहित मेडिकल चौकी को लिखित शिकायत देते हुए ट्रामा आईसीयू में ड्यूटी के दौरान एक चिकित्सक द्वारा उन पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया।
पीडि़त गौरव उप्रेती ने बताया कि वे 18 अप्रैल को ट्रामा आईसीयू में दोपहर की ड्यूटी पर थे। वेंटिलेटर पर एक मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने न्यूरो डिपार्टमेंट में कार्यरत पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टर जगवीर को फोन किया और उन्हें मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बताया।
नर्सिंग अधिकारी द्वारा जब इसका विरोध किया गया तो नर्सिंग रूम के भीतर डॉक्टर द्वारा उनकी पिटाई कर दी गई। उनके हाथ की अंगुली फैक्चर बताई जा रही है। साथ ही उनके सर एवं माथे पर भी चोट है। पीडि़त ने अस्पताल प्रबंधन पर भी आरोप लगाया है कि सुशीला तिवारी अस्पताल द्वारा उनका मेडिकल नहीं बनाया गया एवं उनकी उंगली को भी टूटी नहीं बताया गया जबकि एक्स-रे में उनकी ऊंगली टूटी नजर आ रही है।
मैडिकल कॉलेज के प्राचार्य जोगी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच के लिए 4 सदस्य कमेटी बना दी गई है। सप्ताह में रिपार्ट आने के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। यही डॉक्टर पूर्व में अपने सीनियर पर रैगिंग के झूठे आरोप लगा चुके हैं।
पीडि़त ने कहा कि ट्रामा आईसीयू के सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्डिंग निकाली जाए। उन्होंने स्वयं की जान का खतरा महसूस करते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। पीडि़त का आरोप है कि पूरा अस्पताल प्रबंधन डॉक्टर को बचाने का प्रयास कर रहा है।


